ये है दुनिया की सबसे महंगी चाय, 1 किलो की कीमत ₹9,00,00,000.... इसके सामने तो सोना भी सस्ता है!

क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी चाय भी है जिसकी कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच है? जी हां, इस चाय का नाम है ‘दा-होंग पाओ’ (Da Hong Pao), जिसे ‘बिग रेड रोब’ भी कहा जाता है. तो चलिए आपको बताते हैं इस चाय के बारे में.

World most expensive tea
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:10 PM IST

Worlds Most Expensive Tea: भारत के लोगों के लिए चाय रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है. आमतौर पर बाजार में चाय की कीमत 100 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रति किलो तक होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी चाय भी है जिसकी कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच है? जी हां, इस चाय का नाम है ‘दा-होंग पाओ’ (Da Hong Pao), जिसे ‘बिग रेड रोब’ भी कहा जाता है. तो चलिए आपको बताते हैं इस चाय के बारे में.

यह चाय चीन के फुजियान प्रांत की वुईयी पहाड़ियों में उगाई जाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस चाय की कीमत नीलामी में करीब 9 करोड़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है. साल 2002 में इसकी मात्र 20 ग्राम चाय करीब 26 लाख रुपये में बिकी थी, जो इसकी दुर्लभता को दर्शाती है.

क्यों है इतनी महंगी ये चाय
इस चाय की सबसे बड़ी खासियत इसकी दुर्लभता और ऐतिहासिक महत्व है. असली दा-होंग पाओ केवल कुछ बेहद पुराने ‘मदर बुशेस’ से प्राप्त होती है, जो सैकड़ों साल पुराने हैं. इन पौधों से बहुत कम मात्रा में पत्तियां मिलती हैं, जिससे यह और भी कीमती बन जाती है. चीनी लोक कथाओं के अनुसार, मिंग राजवंश के समय एक रानी की बीमारी इस चाय से ठीक हुई थी. इसके बाद सम्राट ने सम्मान में इन पौधों को लाल वस्त्रों से ढकवा दिया, जिससे इसका नाम ‘बिग रेड रोब’ पड़ा. दा-होंग पाओ के मूल पौधों को चीन में राष्ट्रीय धरोहर माना जाता है. इनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. साल 2006 के बाद से सरकार ने इन प्राचीन पौधों से पत्तियां तोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. यही कारण है कि असली चाय अब लगभग न के बराबर उपलब्ध है और इसकी कीमत आसमान छू रही है.

स्वाद और विशेषता
इस चाय का स्वाद काफी गहरा, मिट्टी जैसा और हल्का मीठा होता है. इसे पीने के बाद इसकी खुशबू और स्वाद लंबे समय तक मुंह में बना रहता है. यह चाय पहाड़ों की चट्टानों के बीच उगती है, इसलिए इसे ‘रॉक टी’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक खनिजों का अनोखा असर होता है.

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