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Unique Country: दुनिया का इकलौता देश जहां नहीं है एक भी ट्रैफिक लाइट, सड़कों पर नहीं लगता जाम, वजह जान हैरान रह जाएंगे आप

पूरी दुनिया में 195 से ज्यादा देश हैं. हर देश के बड़े शहरों में जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक लाइट लगाई जाती हैं. पूरी दुनिया में एक ऐसा अनोखा देश भी है जहां एक भी ट्रैफिक लाइट्स नहीं हैं. इसके बावजूद इस देश की सड़कों पर जाम नहीं लगता है. दुनिया के इस अनोखे देश के बारे में जानिए.

Country With no Traffic Lights (Photo Credit: Getty)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 10:32 PM IST
  • भूटान दुनिया का सबसे खुशहाल भरा देश
  • भूटान में एक भी ट्रैफिक लाइट्स नहीं है
  • भूटान में सड़कों पर जाम नहीं लगता

हर जगह गाड़ी ही गाड़ी. किसी बड़े शहर में ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है. इन गाड़ियों में बड़ी संख्या में कार देखने को मिलती हैं. व्हिच कार की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस समय दुनिया में 1.5 बिलियन कारें हैं. दुनिया भर में 5 लोगों में एक कार है. वहीं एशिया-पैसिफिक रीजन में हर तीसरे व्यक्ति के पास कार है. जितनी ज्यादा गाड़ियां होंगी, सड़कों पर जाम लगने की संभावना उतनी ही होगी. भारत के दिल्ली-मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में अक्सर लोग जाम में जूझते हुए नजर आते हैं.

शहरों में ट्रैफिक जाम को मैनेज करने के लिए ट्रैफिक लाइट लगाई जाती है. बड़े शहरों जाम लगने वाली जगहों पर अक्सर ट्रैफिक लाइट्स लगाई जाती हैं ताकि गाड़ी आराम से निकलती रहें. दुनिया में ट्रैफिक लाइट सिस्टम की शुरूआत सैकड़ों साल पहले हुई. इस सिस्टम की शुरूआत सबसे पहले लंदन में 1868 में हुई थी. आज दुनिया के लगभग हर देश में ट्रैफिक लाइट देखने को मिलती है लेकिन एक ऐसा देश भी है जहां एक भी ट्रैफिक लाइट नहीं है. इसके बावजूद सड़कों पर जाम नहीं लगता है. आइए इस बारे में जानते हैं.

कहां है ये अनोखा देश?

  • ये अनोखा देश और कोई नहीं भारत का पड़ोसी देश भूटान है. भूटान चीन और भारत के बीच में बसा एक छोटा देश है. भूटान दक्षिण एशिया का एक छोटा, सुंदर और पहाड़ी देश है.
  • भूटान की राजधानी थिम्फू है. भूटान की आधिकारिक भाषा जोंगखा है. यहां का प्रमुख धर्म बौद्ध धर्म है. इस देश में कुछ लोग हिन्दू धर्म को भी मानते हैं.
  • भूटान को लैंड ऑफ द थंडर ड्रैगन कहा जाता है. यह देश अपनी हरी-भरी वादियों, पहाड़ों और बर्फ से ढकी चोटियों के लिए फेमस है.
  • भूटान एक कांस्टीट्यूशनल मोनार्की वाला देश है. इस देश में राजा भी है और चुनी गई सरकार भी है. यहां के लोग राजा को ही सब कुछ मानते हैं.
  • भूटान के राजा को ड्रैगन किंग कहा जाता है. यह दुनिया का इकलौता देश है जो हैप्पीनेस को ज्यादा महत्व देते हैं.
  • भूटान की आबादी 8 लाख के करीब है. भूटान एक फेमस पर्यटन स्थल है. खासकर उन लोगों के लिए जो शांति, बौद्ध संस्कृति और प्रकृति का आनंद लेना चाहते हैं.

भूटान में क्यों नहीं है ट्रैफिक लाइट?

  • भूटान दुनिया का इकलौता देश है जहां कोई ट्रैफिक लाइट्स नहीं है. देश में ट्रैफिक लाइट्स न लगाने का फैसला देश के राजा ने लिया था.
  • भूटान एक पहाड़ी देश है. भूटान के मुख्य इलाकों में तो सड़कें हैं लेकिन अंदरुनी इलाकों में सड़कों की पहुंच कम है. 
  • भूटान में सड़कों का नेटवर्क 8 हजार किमी. लंबा है. आबादी होने की वजह से यहां जाम जैसी स्थिति नहीं बनती है. पहाड़ों में लोग अपने जानवरों के साथ निकलते रहते हैं.
  • भूटान में लोग आराम से गाड़ियां चलाते हैं. यहीं ओवर स्पीडिंग की वजह से सड़क दुर्घटना के मामले कम ही देखने को मिलते हैं.
  • इस देश में कोई सड़क पार करता है तो सामने वाली गाड़ी रूक जाती हैं. भूटान में लोगों को सड़क पर चलते समय ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं पड़ती है. गाड़ी चालक पैदल चलने वालों पर ध्यान देते हैं. उनके निकलने पर ही अपनी गाड़ी आगे बढ़ाते हैं.
भूटान में नहीं है ट्रैफिक लाइट्स (Photo Credit: Getty)

क्यों नहीं लगता जाम?

  • भूटान में जाम न लगने की सबसे बड़ी वजह यहां की आबादी है. इस छोटे-से देश की पॉपुलेशन कम है इसलिए जाम की समस्या देखने को नहीं मिलती है.
  • भूटान में सड़कों को इस तरह से बनाया गया है कि गाड़ियां ज्यादा स्पीड में नहीं चल पाती हैं. साथ ही लोग भी स्पीड का काफी ध्यान रखते हैं.
  • बड़े शहरों में जाम की समस्या होती है लेकिन भूटान में ऐसी कोई दिक्कत देखने को नहीं मिलेगी. यहां के शहरों में भी ट्रैफिक लाइट्स नहीं है.
  • थिप्फू दुनिया की इकलौती राजधानी है जहां कोई ट्रैफिक लाइट्स नहीं है. भूटान में ट्रैफिक लाइट्स नहीं है लेकिन यहां भी ट्रैफिक मैनेज किया जाता है.
  • भूटान के शहरों में हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के जवान खड़े रहते हैं जो ट्रैफिक मैनेज करते हैं. साथ ही यहां लोग ट्रैफिक रूल नहीं तोड़ते हैं.

सबसे खुशहाल देश

भूटान को दुनिया का सबसे खुशहाल देश कहा जाता है. यह देश अपने लोगों की खुशी को पैसों से ऊपर रखता है. यहां पर विकास का पैमाना ग्रोस नेशनल हैप्पीनेस है जबकि ज्यादातर देश GDP को आधार मानते हैं. इसका मतलब है कि भूटान की सरकार सिर्फ पैसों पर ध्यान नहीं देती बल्कि लोगों के मानसिक स्वास्थ्य, शांति, हेल्थ, पर्यावरण और कल्चर पर भी बराबर ध्यान देती है. भूटान ऐसा देश है जो पूरी तरह पर्यावरण संरक्षण पर जोर देता है. यह दुनिया का पहला और एकमात्र कॉर्बन नेगेटिव देश है जहां 70% से ज्यादा इलाका जंगलों से ढका हुआ है.

भूटान सरकार अपने लोगों को फ्री एजुकेशन और हेल्थ सर्विसेज देती है. इससे लोगों की जिंदगी आसान होती है और उन्हें फ्यूचर की चिंता कम रहती है. कम आबादी, मजबूत सामाजिक बंधन और आपसी सहयोग भी यहां के लोगों को तनाव-मुक्त और संतुष्ट बनाते हैं. इन्हीं वजहों से भूटान को दुनिया का सबसे खुशहाल देश कहा जाता है. यहां की नीतियां, कल्चर और लाइफस्टाइल यह मैसेज देती है कि असली खुशी मानसिक शांति से मिलती है.

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