धर्म

Motidungri Ganesh Temple: राफेल... एस-400... राम-रावण युद्ध... तरह-तरह की झांकियों ने मोहा मन... जयपुर की गणेश शोभायात्रा में दिखा अनोखा मिश्रण

रिदम जैन
  • जयपुर,
  • 29 अगस्त 2025,
  • Updated 12:08 AM IST
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मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा 
राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर में मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसके साथ नौ दिवसीय गणेश जन्मोत्सव का समापन हुआ. गणेश शोभायात्रा में शामिल तरह-तरह की झांकियों ने मन मोहा लिया.

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गज पूजन से हुई शोभायात्रा की शुरुआत
मंदिर समिति की ओर से आयोजित यह 38वीं शोभायात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी. इस शोभायात्रा की शुरुआत गज पूजन के साथ हुई और सबसे आगे हाथी पर गामा पहलवान ध्वज लेकर चल रहे थे. 
 

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धर्म और संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम 
शोभायात्रा में चार हाथी, 11 ऊंट और 21 घोड़े शाही लवाजमे के रूप में शामिल किए गए. पूरे जुलूस में बैंड-बाजों की गूंज और भक्तिमय वातावरण के बीच भक्तों ने धर्म और संस्कृति का अद्भुत संगम देखा. सीएम भजनलाल शर्मा भी मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश के दर्शन कर मुख्य रथ पर आरती अर्पित की.
 

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दर्शाए गए प्रसंग
शोभायात्रा की विशेषता 50 से अधिक झांकियां रहीं, जिनमें धार्मिक, ऐतिहासिक और समकालीन प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया. भगवान गणेश के विविध स्वरूपों की झांकियों के साथ-साथ अयोध्या राम मंदिर में रामलला के दर्शन, राम-रावण युद्ध, महाभारत लेखन, माता वैष्णो देवी दरबार, केदारनाथ धाम, महाकाल और छत्रपति शंभाजी महाराज के प्रसंग भी दर्शाए गए. 

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मूषक पर सवारी करते हुए दिखे गणेश जी
गणेशजी को शिव-पार्वती के साथ, मूषक पर सवारी करते हुए, वाद्ययंत्र बजाते हुए और यहां तक कि तांडव नृत्य करते हुए भी दिखाया गया. स्वचालित तकनीक से बनी झांकियां विशेष आकर्षण रहीं, जिनमें गणेशजी के विभिन्न रूपों के साथ मोबाइल की लत से दूर रहने का संदेश भी दिया गया.
 

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पहली बार शामिल हुई तीज माता की सवारी की झांकी 
जयपुर की प्रसिद्ध तीज माता की सवारी की झांकी पहली बार शामिल हुई, जिसमें माता को चांदी की पालकी में शाही लवाजमे और ढोल-नगाड़ों के साथ नगर भ्रमण करते दिखाया गया. इस बार शोभायात्रा में समकालीन और देशभक्ति से जुड़ी झांकियां भी लोगों का ध्यान खींच रही थीं. 
 

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भारत की रक्षा शक्ति का बखान 
ऑपरेशन सिंदूर की झांकी में राफेल विमान की पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई को दर्शाया गया, वहीं एस-400 मिसाइल की झांकी ने भारत की रक्षा शक्ति का बखान किया. शेखावाटी की सांस्कृतिक झलक, काशी की मसाने की होली और राजस्थान की लोक परंपराओं को भी झांकियों के जरिए जीवंत किया गया. शोभायात्रा में आगे बढ़ते हुए व्यायामशालाओं के कलाकारों और छोटे बच्चों ने करतब दिखाकर माहौल को और रोचक बना दिया. संयोजक भानु प्रताप के अनुसार, हर साल की तरह इस बार भी शोभायात्रा ने भक्तों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दोनों अनुभव प्रदान किए, जिसमें श्रद्धा, भक्ति, परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला.