एक दर्शन और बदल जाता है जीवन! ये हैं भगवान विष्णु के 5 सबसे शक्तिशाली मंदिर, स्वयं प्रभु करते हैं वास...

भारत की धरती पर भगवान विष्णु के ऐसे अनेक मंदिर हैं, जहां पहुंचते ही मन को एक अलग ही शांति का अनुभव होता है. ऐसे में चलिए आज आपको देश के 5 सबसे बड़े और चमत्कारी विष्णु मंदिरों के बारे में.

विष्णु मंदिर
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:49 PM IST

7 Vishnu Temples Across India Said to Fulfill Wishes: भारत की धरती पर भगवान विष्णु के ऐसे अनेक मंदिर हैं, जहां पहुंचते ही मन को एक अलग ही शांति का अनुभव होता है. इन मंदिरों में नंगे पांव प्रवेश करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मा से जोड़ने का माध्यम माना जाता है. फूलों और कपूर की खुशबू, शंखनाद की गूंज और मंत्रों की लय के बीच भक्तों को ऐसा महसूस होता है मानो स्वयं सृष्टि के पालन हार उन्हें देख रहे हों. सदियों से लोग इन विष्णु मंदिरों में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं. ऐसे में चलिए आज आपको देश के 5 सबसे बड़े और चमत्कारी विष्णु मंदिरों के बारे में.

तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर, आंध्र प्रदेश
तिरुपति के सात पहाड़ों पर स्थित तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर को कलियुग का वैकुंठ कहा जाता है. यहां भगवान विष्णु वेंकटेश्वर रूप में विराजमान हैं. हर दिन लाखों श्रद्धालु कठिन चढ़ाई तय कर मंदिर तक पहुंचते हैं. कोई अपने बाल अर्पित करता है, तो कोई सिर्फ अपने दुख और प्रार्थनाएं. मान्यता है कि भगवान वेंकटेश्वर कलियुग में मानवता की रक्षा के लिए यहीं निवास करते हैं. 'गोविंदा, गोविंदा' के जयकारों के बीच भक्तों को विश्वास होता है कि सच्चे मन से की गई एक प्रार्थना भी जीवन की दिशा बदल सकती है.

पद्मनाभस्वामी मंदिर, केरल
तिरुवनंतपुरम स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर रहस्य और आस्था का अनोखा संगम है. यहां भगवान विष्णु अनंत शयन मुद्रा में शेषनाग पर विराजमान हैं. मंदिर के गुप्त तहखानों में छिपे खजाने जितने चर्चित हैं, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण वह शांति है जो भक्तों को यहां नमन करते समय मिलती है. मान्यता है कि यहां की गई प्रार्थनाएं सीधे भगवान तक पहुंचती हैं.

बद्रीनाथ मंदिर, उत्तराखंड
करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर, बर्फीले पहाड़ों और अलकनंदा नदी के किनारे बद्रीनाथ धाम स्थित है. यह चार धामों में से एक है और यहां भगवान विष्णु बद्री नारायण रूप में पूजे जाते हैं. मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने सदियों पहले इस प्राचीन मूर्ति को खोजकर इस तीर्थ को पुनर्जीवित किया था. कठिन यात्रा के बावजूद यहां आने वाले श्रद्धालु खुद को भीतर से शुद्ध और हल्का महसूस करते हैं, जैसे पहाड़ों ने उनके सारे कष्ट धो दिए हों.

जगन्नाथ मंदिर, ओडिशा
पुरी का जगन्नाथ मंदिर भगवान विष्णु को जगन्नाथ, यानी जगत के नाथ के रूप में प्रस्तुत करता है. यहां वे अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं. रथ यात्रा के दौरान भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं. मंदिर का महाप्रसाद, जो मिट्टी के बर्तनों में विशेष विधि से बनाया जाता है, जिसे भगवान का आशीर्वाद माना जाता है.

श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, तमिलनाडु
तमिलनाडु के श्रीरंगम में स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर को आस्था का विशाल केंद्र कहा जा सकता है. 156 एकड़ में फैला यह मंदिर किसी शहर से कम नहीं है. यहां भगवान विष्णु रंगनाथ के रूप में शेषनाग पर विश्राम करते हैं. वैकुंठ एकादशी के दिन बैकुंठ द्वार से गुजरना मोक्ष का प्रतीक माना जाता है.

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