Akshaya Tritiya 2026: क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया, किस विधि से करें मां लक्ष्मी की पूजा, कैसे घर में आएगा पैसा, यहां जानिए सबकुछ

Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया का पावन पर्व 19 अप्रैल को है. इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. शुभ मुहूर्त में सोना-चांदी की खरीद की जाती है. आज हम आपको बता रहे हैं आखिर क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया, किस विधि से मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनकी बरसती है कृपा और खरीदारी का क्या शुभ मुहूर्त है?

Akshaya Tritiya 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:05 AM IST

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का बहुत ही विशेष महत्व है. यह पावन पर्व हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है. इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल दिन रविवार को है. इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और शुभ मुहूर्त में सोना-चांदी की खरीदारी की जाती है.

अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना गया है. यह एक ऐसा दिन है, जिस दिन सभी शुभ कार्य किए जाते हैं बिना कोई मुहूर्त देखे हुए. शास्त्रों के मुताबिक अक्षय तृतीया पर विधि-विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करने से माता रानी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. तृतीया तिथि को माता पार्वती ने अमोघ फल देने की सामर्थ्य का आशीर्वाद दिया था. उस आशीर्वाद के प्रभाव से इस तिथि को किया गया कोई भी कार्य निष्फल नहीं होता.अक्षय तृतीया के दिन स्नान, दान, जप, तर्पण आदि जो भी कर्म किए जाते हैं, वे सब अक्षय हो जाते हैं.

इस बार 100 साल बाद बन रहा महासंयोग
इस बार अक्षय तृतीया पर 100 साल बाद महासंयोग बन रहा है. अक्षय तृतीया पर एक ही दिन में 7 शुभ योग आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, गजकेसरी योग, त्रिपुष्कर योग, रवि योग, मालव्य राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. इस बार अक्षय तृतीया पर शश योग और पंचमहापुरुष राजयोग का भी संयोग बन रहा है.

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचाग के मुताबिक अक्षय तृतीया की तिथि 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल 2026 को सुबह 7:27 बजे तक रहेगी. 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 49 मिनट के बाद पूरे दिन रहेगा. इतना ही नहीं 20 अप्रैल 2026 को सुबह 5 बजकर 51 मिनट से सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक भी सोना खरीदने के लिए शुभ समय रहेगा. ऐसे में इस बार सोना खरीदारी के लिए लंबा समय मिल रहा है. इसके अलावा खरीदारी के लिए चौघड़िया मुहूर्त भी है.

19 अप्रैल को चौघड़िया मुहूर्त में कब करें खरीदारी
1. सुबह का समय (चर, लाभ, अमृत): 10:49 बजे से 12:20 बजे तक.
2. दोपहर का समय (शुभ): दोपहर 1:58 बजे से दोपहर 3:35 बजे तक.
3. शाम का समय (शुभ, अमृत, चर): शाम के समय 6:49 बजे से रात 10:57 बजे तक.

अक्षय तृतीया पर ऐसे करें पूजा 
1. अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें.
2. इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थान पर चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं.
3. अब चौकी पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें.
4. फिर गंगाजल से अभिषेक करें.  मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को रोली, चंदन, अक्षत अर्पित करें.
5. मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को फूल माला पहनाएं.
6. पूजा के दौरान ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें.
7. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और खीर व पंचामृत का भोग बनाकर पूजा में शामिल करें.
8. पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद बांटे.

अक्षय तृतीया का पौराणिक महत्व
अक्षय तृतीया के दिन से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है. अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के कई महत्वपूर्ण अवतारों का प्राकट्य हुआ था. नर-नारायण, हयग्रीव और भगवान परशुराम का अवतरण इसी तिथि को हुआ माना जाता है. ऐसे में अक्षय तृतीया पर परशुराम जयंती मनाई जाती है. ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी अक्षय तृतीया के दिन हुआ था. इसी दिन पांडवों को सूर्यदेव से कभी न खत्म होने वाला अक्षय पात्र प्राप्त हुआ. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक महाभारत का भीषण युद्ध अक्षय तृतीया के दिन समाप्त हुआ था. इसी दिन पांडवों को सूर्यदेव से कभी न खत्म होने वाला अक्षय पात्र प्राप्त हुआ. अक्षय तृतीया के दिन ही उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बद्रीनाथ धाम का कपाट खोला जाता है. इसी दिन से चारधाम यात्रा का शुभारंभ होता है. अक्षय तृतीया के दिन वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी जी मंदिर में भगवान के चरणों के दर्शन होते हैं. 

 

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