दिल्ली का चितरंजन पार्क यानी सीआर पार्क मिनी बंगाल के नाम से जाना जाता है. नवरात्रि आते ही यहां का माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल जाता है. जगह-जगह भव्य पूजा पंडाल तैयार किए जा रहे हैं. इसी क्रम में चितरंजन पार्क के मेला ग्राउंड में भी इस बार बड़े नवरात्रि उत्सव की तैयारी शुरू हो चुकी है. यहां हर साल सीआर पार्क का सबसे बड़ा पंडाल तैयार किया जाता है. खास बात यह है कि इस पूजा को इस वर्ष 51 साल पूरे हो रहे हैं. यहां होने वाली मां दुर्गा की आराधना में हर साल लाखों भक्त शामिल होते हैं.
तस्वीरों में नजर आ रहा यह नजारा दिल्ली के सीआर पार्क के मेला ग्राउंड का है, जहां नवरात्रि उत्सव के लिए भव्य पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है. पूजा समिति के मुताबिक, मेला ग्राउंड में बनने वाला यह पंडाल चितरंजन पार्क में आयोजित होने वाली सभी पूजा के पंडालों में सबसे बड़ा होता है. यही वजह है कि यहां नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
51वें साल में पहुंची पूजा
इस बार मेला ग्राउंड की पूजा के 51 वर्ष पूरे हो रहे हैं. पूजा समिति की ओर से उत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और पंडाल को भव्य रूप देने का काम तेजी से चल रहा है. कारीगर पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं, ताकि नवरात्रि के दौरान यहां आने वाले भक्तों को भव्य आयोजन देखने को मिले. मेला ग्राउंड में 15 अक्टूबर से पूजा शुरू होगी और यह आयोजन विजयदशमी तक चलेगा. 15 अक्टूबर यानी पंचमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इसके बाद षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी और नवमी तक पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहेगा. विजयदशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा.
पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे कारीगर
दिल्ली के चितरंजन पार्क में हर साल नवरात्रि उत्सव के दौरान एक से बढ़कर एक भव्य पंडाल तैयार किए जाते हैं. इन पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और नवरात्रि उत्सव में शामिल होते हैं. इन्हीं बड़े पंडालों में मेला ग्राउंड का पंडाल भी शामिल है. हर साल की तरह इस बार भी यहां भव्य और खूबसूरत पंडाल बनाने का काम शुरू हो चुका है. कारीगर लगातार मेहनत कर इसे अंतिम रूप देने में जुटे हैं. पूजा के 51वें साल को लेकर तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं और नवरात्रि के दौरान यहां लाखों भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है.
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