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Do You Know: क्या आप जानते हैं पूजा में लाल और पीले फूल ही क्यों अर्पित किए जाते हैं?

हिंदू धर्म में फूलों को पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. माना जाता है कि फूलों की खुशबू और उनकी कोमलता वातावरण को शुद्ध करती है और मन को शांति देती है. इसलिए पूजा में अलग-अलग तरह के फूल अर्पित किए जाते हैं.

Hindu Worship
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 15 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 2:48 PM IST

किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या देवी-देवता की पूजा में फूल चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. आपने देखा होगा कि मंदिरों और घरों की पूजा में ज्यादातर लाल और पीले फूल ही अर्पित किए जाते हैं. आखिर क्यों इन रंगों के फूल पूजा में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं? आइए जानते हैं इसके धार्मिक और वैज्ञानिक कारण.

पूजा में फूल क्यों चढ़ाए जाते हैं?
हिंदू धर्म में फूलों को पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. माना जाता है कि फूलों की खुशबू और उनकी कोमलता वातावरण को शुद्ध करती है और मन को शांति देती है. इसलिए पूजा में अलग-अलग तरह के फूल अर्पित किए जाते हैं.

लाल फूल क्यों चढ़ाए जाते हैं?

  • ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक: लाल रंग को शक्ति, साहस और ऊर्जा का रंग माना गया है. यही कारण है कि माता दुर्गा और गणेश जी को लाल फूल अर्पित किए जाते हैं.

  • देवी की पसंद: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लाल फूल माता शक्ति को प्रिय हैं. यह रंग उनके तेज और सामर्थ्य को दर्शाता है.

  • आकर्षण का प्रभाव: लाल रंग मनोविज्ञान के हिसाब से आकर्षण और सक्रियता पैदा करता है. पूजा में लाल फूल अर्पित करने से वातावरण ऊर्जावान बनता है.

पीले फूलों का महत्व

  • ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक: पीला रंग सरस्वती और विष्णु भगवान से जुड़ा हुआ है. यह ज्ञान, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

  • सकारात्मक ऊर्जा: पीले फूल पूजा स्थल को सकारात्मकता और सुकून से भर देते हैं.

  • आध्यात्मिक संबंध: पीला रंग सूर्य से जुड़ा है, जिसे जीवन और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. इसलिए सूर्य देव और भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित किए जाते हैं.

अन्य रंगों के फूल क्यों नहीं?

हालांकि सफेद फूल भी पूजा में अर्पित किए जाते हैं, लेकिन काले और गहरे नीले रंग के फूलों का प्रयोग वर्जित माना गया है. मान्यता है कि ये रंग नकारात्मकता और तामसिक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं. पूजा में ऐसे फूल अर्पित करने से शुभ फल नहीं मिलता.

वैज्ञानिक महत्व क्या है?

  • फूलों की खुशबू और रंग दोनों ही मन और शरीर पर असर डालते हैं.

  • लाल रंग मन को सक्रिय और जागरूक करता है.

  • पीला रंग दिमाग में शांति और स्थिरता लाता है.

  • दोनों रंग मिलकर पूजा के वातावरण को पवित्र और ऊर्जावान बनाते हैं.

लाल और पीले फूल केवल धार्मिक मान्यताओं के कारण ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पूजा के लिए खास माने जाते हैं. ये रंग शक्ति, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं. यही वजह है कि पीढ़ियों से लोग पूजा में इन्हीं फूलों को अर्पित करते आ रहे हैं.

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