सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है. इस महीने में शिव जी की पूजा करने से बड़े से बड़े दुर्योग भी दूर हो जाते हैं. ज्योतिष में कुछ ऐसे योग होते हैं, जो जीवन में परेशानी लाते हैं. उन योगों को दूर करने के लिए सावन का महीना काफी अच्छा है. चलिए बताते हैं ऐसे 4 दुर्योग और उनको दूर करने के उपाय के बारे में, जो जीवन को कठिन बनाते हैं.
जब चंद्रमा के दोनों तरफ कोई ग्रह नहीं होता, तो केमद्रुम योग बनता है. यह ज्योतिष का सबसे डरावना योग माना जाता है. इससे मानसिक तनाव, उदासी और गरीबी जैसी परेशानियां आ सकती हैं. बृहस्पति मजबूत हो तो यह योग कमजोर पड़ जाता है.
उपाय के तौर पर अपनी मां और घर की महिलाओं का सम्मान करें. सावन में शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं. शिव सहस्त्रनाम का पाठ करें और गले में चांदी की चेन पहनें.
शनि और चंद्रमा या शनि और राहु साथ हों, तो विष योग बनता है. इससे व्यक्ति गलत आदतों का शिकार हो सकता है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है.
उपाय के लिए आप रोज सुबह सूर्य को जल चढ़ाएं. तुलसी के पत्ते खाएं. पूरे सावन रुद्राष्टक का पाठ करें और रुद्राक्ष की माला पहनें. साथ ही शिव जी को भांग-धतूरा चढ़ाएं.
सूर्य या चंद्रमा के साथ राहु आ जाए, तो ग्रहण योग बनता है. यह जिस भी क्षेत्र में बनता है, वहां की खुशियां छीन लेता है. इससे कुंडली के अच्छे योग भी काम करना बंद कर देते हैं.
उपाय के लिए आप सावन के हर सोमवार व्रत रखें. शिवलिंग पर सिर्फ जल चढ़ाएं. सुबह-शाम शिव पंचाक्षरी स्तोत्र पढ़ें.
राहु या केतु की गलत स्थिति से कालसर्प दोष और पितृ दोष बनते हैं. इनकी वजह से जीवन में उतार-चढ़ाव बना रहता है और काम रुक जाते हैं.
उपाय में आप चांदी की सांप की अंगूठी पहनें. कच्चे दूध में दूर्वा मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. सावन भर नागिनी द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करें.