Shivling Abhishek
Shivling Abhishek
भगवान शिव की पूजा में शिवलिंग का खास स्थान है. माना जाता है कि सच्चे मन से शिवलिंग का अभिषेक और पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. साथ ही अलग-अलग चीजों से अभिषेक करने का अपना अलग महत्व बताया गया है. ऐसे में मनोकामना पूरी करने के लिए आपको शिवलिंग पर क्या चीज़ अर्पित करनी चाहिए? साथ ही शिवलिंग की महिमा क्या है?
शिवलिंग को भगवान शिव का निराकार स्वरूप माना जाता है. इसमें भगवान शिव और माता शक्ति, दोनों का वास माना जाता है. इसलिए शिवलिंग की पूजा करने से शिव और शक्ति दोनों की पूजा का फल मिलता है.
शास्त्रों में कई प्रकार के शिवलिंग बताए गए हैं. इनमें स्वयंभू शिवलिंग, नर्मदेश्वर शिवलिंग, जनेऊधारी शिवलिंग, सोने-चांदी के शिवलिंग और पारद शिवलिंग प्रमुख हैं. इनमें स्वयंभू शिवलिंग की पूजा सबसे अधिक फलदायी मानी जाती है.
शिवलिंग पर जल, दूध या कोई भी तरल पदार्थ हमेशा धीरे-धीरे धारा बनाकर चढ़ाना चाहिए. अगर कोई ठोस चीज़ जैसे भस्म या अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर रहे हैं, तो उसे दोनों हाथों से श्रद्धा के साथ चढ़ाएं. पूजा पूरी होने के बाद अंत में जल जरूर अर्पित करें. शिवलिंग पर तामसिक चीज़ें नहीं चढ़ानी चाहिए.
अगर संभव हो तो रुद्राभिषेक के समय रुद्राष्टाध्यायी का पाठ करें. यदि यह न कर सकें तो इस मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें. 'ॐ नमः शम्भवाय च, मयोभवाय च, नमः शंकराय च, मयस्कराय च, नमः शिवाय च, शिवतराय च.' अगर यह भी संभव न हो तो केवल 'ॐ नमः शिवाय' का लगातार जाप करते हुए अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है.
धार्मिक मान्यताओं कहती है कि घी से अभिषेक करने पर वंश वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. तो वहीं गन्ने के रस से अभिषेक करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. अगर शक्कर मिले दूध से अभिषेक किया जाए तो ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है. शहद से अभिषेक करना स्वास्थ्य के लिए शुभ माना गया है.
गाय के दूध से अभिषेक करने से अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है. शक्कर मिले जल से अभिषेक करने को संतान सुख के लिए लाभकारी माना जाता है. भस्म से अभिषेक को मोक्ष की प्राप्ति से जोड़ा गया है.