Advertisement

Jyestha Maah 2026: आज से शुरू हो गया ज्येष्ठ का महीना... 8 बड़े मंगल, शनि जयंती और अधिक मास... जानें क्यों खास है इस बार यह माह?

हिंदू कैलेंडर में ज्येष्ठ का महीना तीसरा महिना है. इस साल ज्येष्ठ माह 2 मई से लेकर 29 जून तक रहेगा. इस बार ज्येष्ठ के साथ अधिक मास भी जुड़ रहा है, जिससे ज्येष्ठ माह बढ़कर 59 दिन का हो गया है. 17 मई से लेकर 17 जून तक अधिक मास रहेगा. यहां आप जान सकते हैं ज्येष्ठ माह की प्रमुख तिथियां और इस माह की महिमा.

Jyestha Maah 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:19 AM IST

सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीना को बहुत ही पवित्र माना जाता है. यह महीना धार्मिक कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है. हिंदू कैलेंडर में ज्येष्ठ का महीना तीसरा महिना है. इस महीने में सूर्य अत्यंत ताकतवर होता है, इसलिए गर्मी भी भयंकर होती है. ज्येष्ठा नक्षत्र के कारण भी इस माह को ज्येष्ठ कहा जाता है. इस महीने में धर्म का संबंध जल से जोड़ा गया है ताकि जल का संरक्षण किया जा सके. इस मास में हनुमान जी, सूर्य देव और वरुण देव की उपासना विशेष फलदायी होती है. इस बार ज्येष्ठ मास 2 मई से 29 जून तक रहेगा.

 इस बार ज्येष्ठ के साथ अधिक मास भी जुड़ रहा है, जिससे ज्येष्ठ माह बढ़कर 59 दिन का हो गया है. 17 मई से लेकर 17 जून तक अधिक मास रहेगा. अधिक मास के दौरान कोई शुभ और मंगल कार्य नहीं होंगे. ज्येष्ठ माह में जल सेवा करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. ज्येष्ठ महीने के हर दिन सूर्योदय से पहले उठकर वरुण देव का ध्यान करते हुए स्नान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. ज्येष्ठ महीने में रविवार और मंगलवार को व्रत रखने का बहुत महत्व है. इस माह के सभी मंगलवार को लाल या केसरिया रंग के कपड़े पहनकर हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. 

ज्येष्ठ मास का वैज्ञानिक महत्व 
इस माह में वातावरण और शरीर में जल का स्तर गिरने लगता है. अतः जल का सही और पर्याप्त प्रयोग करना चाहिए. सन स्ट्रोक और खान पान की बीमारियों से बचाव आवश्यक है. इस माह में हरी सब्जियां, सत्तू , जल वाले फलों का प्रयोग लाभदायक होता है. इस महीने में दोपहर का विश्राम करना भी लाभदायक होता है. 

वरुण देव और सूर्य देव की कृपा पाने के लिए क्या करें 
नित्य प्रातः और संभव हो तो सायं भी पौधों में जल दें. प्यासों को पानी पिलाएं. लोगों को जल पिलाने की व्यवस्था करें. जल की बर्बादी न करें. घड़े सहित जल और पंखों का दान करें. नित्य प्रातः और सायं सूर्य मंत्र का जाप करें. अगर सूर्य सम्बन्धी समस्या है तो ज्येष्ठ के हर रविवार को उपवास रखें. 

ज्येष्ठ के मंगलवार की क्या है महिमा 
ज्येष्ठ के मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है. इस दिन हनुमान जी को तुलसी दल की माला अर्पित की जाती है. साथ ही हलवा पूरी या मीठी चीजों का भोग लगाया जाता है. इसके बाद उनकी स्तुति करें. निर्धनों में हलवा पूरी और जल का वितरण करें. ऐसा करने से मंगल संबंधी हर समस्या का निदान हो जाएगा. 

ज्येष्ठ माह की शुभ तिथियां
ज्येष्ठ माह में मंगलवार की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. इस बार ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल आने वाले हैं. इस बार ज्येष्ठ में 5 मई, 12 मई, 19 मई, 26 मई, 2 जून, 9 जून, 16 जून और 23 जून बड़ा मंगल पड़ रहा है. इसके अलावा 13 मई को अपरा एकादशी, 16 मई को शनि जयंती और वट सावित्री व्रत, 25 मई को गंगा दशहरा और 25 जून को निर्जला एकादशी मनाई जाएगी.


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement