Jai Bajrangbali
Jai Bajrangbali
ज्येष्ठ माह हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना है. ज्येष्ठ महीने 2 मई से शुरू होकर 29 जून 2026 तक रहेगा. अधिकमास के कारण इस बार इस माह की अवधि सामान्य से अधिक रहेगी. ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. इस बार 4 नहीं बल्कि 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं. यह दुर्लभ स्थिति कई सालों बाद बन रही है. इससे बड़े मंगल का महत्व और बढ़ गया है. बुढ़वा मंगल के दिन हनुमान जी की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. सुख-समृद्धि के मार्ग खुलते हैं.
मई 2026 में कब-कब है बड़ा मंगल
5 मई: पहला बड़ा मंगल
12 मई: दूसरा बड़ा मंगल
19 मई: तीसरा बड़ा मंगल
26 मई: चौथा बड़ा मंगल
2 जून: पांचवां बड़ा मंगल
9 जून: छठा बड़ा मंगल
16 जून: सातवां बड़ा मंगल
23 जून: आठवां बड़ा मंगल
बड़ा मंगल का क्या है महत्व
ज्येष्ठ महीने में बुढ़वा मंगल मनाने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं. ऐसी मान्यता है कि इसी समय भगवान श्रीराम से हनुमान जी का मिलन हुआ था. त्रेता युग में ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का पहली बार मिलन हुआ था. ज्येष्ठ का पूरा महीना हनुमान जी को बेहद प्रिय माना जाता है.
ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. एक अन्य कथा के मुताबिक महाभारत काल में भीम को अपनी शक्ति पर गर्व हो गया था. उस समय हनुमान जी ने भीम के अभिमान दूर करने के लिए एक वृद्ध वानर का रूप धारण किया था. भीम हनुमान जी की पूंछ तक नहीं हटा पाए तब उन्हें अपनी सीमा का ऐहसास हुआ. इसी कारण इस दिन को बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाने लगा. बुढ़वा मंगल के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करने से मंगल और शनि दोष शांत होते हैं.
बड़ा मंगल के दिन ऐसे करें पूजा
1. बड़ा मंगल के दिन सूर्योदय से पहले जगकर स्नान करें और लाल या नारंगी रंग के कपड़े पहनें.
2. इस दिन हनुमान जी की प्रतिमा पर चमेली का तेल और सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं.
3. बड़ा मंगल के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें.
4. बुढ़वा मंगल के दिन बजरंगबली को बेसन के लड्डू, बूंदी, गुड़ और भुने चने का भोग लगाएं.
5. इस दिन हनुमान मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए.
6. बड़ा मंगल के दिन प्यासे लोगों को पानी पिलाना और भूखे को भोजन कराना चाहिए.
7. जरूरतमंद लोगों के लिए चने व शरबत का प्रसाद बांटना चाहिए.