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Kailash Mansarovar Yatra 2026: शिव भक्तों को खुशखबरी! कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें दर्शन करने के लिए कब जाएगा श्रद्धालुओं का जत्था

शिव भक्तों के लिए खुशखबरी है. कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है. शिव भक्त 19 मई 2026 तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त 2026 तक की जा सकेगी. इस बार श्रद्धालुओं को 10 जत्था यात्रा पर जाएगा. 

Kailash Mansarovar Yatra 2026 Kailash Mansarovar Yatra 2026

देश-दुनिया के करोड़ों शिव भक्तों के लिए खुशखबरी है. इस साल की पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा का ऐलान हो चुका है. इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी 30 अप्रैल 2026 से शुरू हो गई है. शिव भक्त 19 मई 2026 तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त 2026 तक की जा सकेगी. इस बार उत्तराखंड राज्य से लिपुलेख दर्रे के रास्ते 50 यात्रियों के 10 दल यात्रा करेंगे, वहीं सिक्किम राज्य से नाथू ला दर्रे के रास्ते भी 50 यात्रियों के 10 दल प्रस्थान करेंगे.

यहां करा सकते हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराना चरूरी है. शिव भक्त सरकार की वेबसाइट kmy.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इस यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का चयन निष्पक्ष, कंप्यूटर आधारित, रैंडम और जेंडर-बैलेंस्ड प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा.  प्रति यात्री खर्च को लेकर कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.

पूरी प्रक्रिया है कंप्यूटरीकृत 
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू होने से लेकर यात्रियों के चयन तक की पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत है. इच्छुक आवेदक साइट पर पंजीकरण करके लॉगिन कर सकते हैं और अपने आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं. आवेदकों को जानकारी मांगने के लिए पत्र या फैक्स भेजने की आवश्यकता नहीं है. वेबसाइट पर उपलब्ध फीडबैक विकल्पों का उपयोग जानकारी प्राप्त करने, अपनी राय दर्ज करने या यात्रा में सुधार के लिए सुझाव देने के लिए किया जा सकता है. आवेदक यात्रा के लिए या तो दोनों मार्गों का चयन कर सकते हैं (प्राथमिकता दर्शाते हुए) या केवल एक मार्ग का चयन कर सकते हैं. पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई 2026 है. आपको मालूम हो कि केएमवीएन साल 1981 से कैलास मानसरोवर यात्रा आयोजित कर रहा है. 

भगवान शिव का है निवास स्थल
तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील को हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा काफी पवित्र माना जाता है. शिव भक्त कैलाश पर्वत के शिखर को भगवान शिव का निवास और मानसरोवर झील को भगवान के पवित्र प्रेम का कुंड मानते हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिकता की एक अद्वितीय यात्रा है. यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम भी मानी जाती है. कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भारतीय नागरिक होना चाहिए. वैध भारतीय पासपोर्ट चाहिए, जिसकी वैधता कम से कम 1 सितंबर 2026 तक हो.  इस यात्रा के लिए आयु सीमा 18 से 70 वर्ष तक है. यात्रा के लिए मेडिकल फिटनेस जरूरी है.