Magh Shivaratri 2023: साल की पहली मासिक शिवरात्रि कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है. प्रत्येक माह की ये तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है. 

बाबा भोलेनाथ की करें पूजा.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST
  • मासिक शिवरात्रि का शास्त्रों में विशेष महत्व 
  • बाबा भोलेनाथ अपने भक्तों की मनोकामनाएं करते हैं पूर्ण 

मासिक शिवरात्रि का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है. यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है. हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से बाबा भोलेनाथ अपने भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. इस महीने मासिक शिवरात्रि 20 जनवरी को है. आइए पूजा मुहूर्त और महत्व के बारे में जानते हैं.

शुभ मुहूर्त 
वैदिक पंचांग के मुताबिक इस साल माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी ति​थि 20 जनवरी को सुबह 09 बजकर 58 मिनट पर आरंभ हो रही है. यह ति​थि 21 जनवरी को सुबह 06 बजकर 16 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. मासिक शिवरात्रि की पूजा निशीथ काल में करने का विधान है. इसलिए मासिक शिवरात्रि 20 जनवरी को ही मनाई जाएगी. पूजा का मुहूर्त रात 12 बजकर 05 मिनट से देर रात 12 बजकर 59 मिनट तक है. वहीं जिन लोगों को निशा काल में पूजा नहीं करनी है, वे 20 जनवरी को सुबह माघ मासिक शिवरात्रि की पूजा कर सकते हैं. इस दिन भद्रा भी लग रही है लेकिन भद्रा का प्रभाव पृथ्वी पर नहीं होगा. क्योंकि यह पाताल लोक की भद्रा हैं।

जानिए महत्व
मान्यता के अनुसार जो लोग मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत रखते हैं, उन पर भगवान शिव की हमेशा कृपा रहती है. साथ ही शिव जी की उपासना करने से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं.

पूजा विधि
1. मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठें और नित्यकर्म के बाद स्नान करें. 
2. फिर घर के मंदिर में दीप जलाएं. सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें. 
3. यदि आपके घर में शिवलिंग है तो शिवलिंग का गंगा जल से अभिषेक करें. 
4. जिनके घर में शिवलिंग नहीं है वे भोले बाबा का ध्यान करें. भगवान शिव की आरती करें. 
5. भगवान शिव के साथ माता पार्वती की आरती भी करें. 

इन बातों का रखें ध्यान
मासिक शिवरात्रि के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. इस दिन अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए. ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. साथ ही मन में किसी के प्रति गलत विचार नहीं लाने चाहिए. इस दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए.

 

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