उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर से सावन महीने की कांवड़ यात्रा के बीच खुशियों से जुड़ी एक भावुक तस्वीर सामने आई है. दिल्ली की रहने वाली एक शिवभक्त नेहा भोली ने मुज़फ्फरनगर में जुड़वा पुत्रों को जन्म दिया. मां और दोनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं और महिला जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
कांवड़ यात्रा के दौरान लेबर पेन-
महिला कावड़िया नेहा नीलकंठ से गंगाजल लेकर अपने साथियों के साथ दिल्ली की ओर कांवड़ यात्रा कर रही थीं. इसी दौरान रास्ते में उनके साथियों से उनका संपर्क टूट गया और वह अकेले ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थीं. यात्रा के दौरान अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल मुज़फ्फरनगर के महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया.
कांवड़ यात्रा में जुड़वा बच्चों का जन्म-
अस्पताल में महिला कावड़िया नेहा ने जुड़वा पुत्रों को जन्म दिया था. जिसकी जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा और एसपी सिटी अमृत जैन महिला चिकित्सालय पहुंचे और नेहा और उनके नवजात बच्चों का हालचाल जाना. एसएसपी संजय वर्मा ने मां की अनुमति के बाद दोनों नवजातों का नामकरण करते हुए उनके नाम 'गणेश' और 'कार्तिकेय' रखा है. इस अवसर पर उन्होंने नेहा को फ्रूट बास्केट भेंट की और दोनों नवजात बच्चों को उपहार भी दिए.
मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा का कहना है कि देखिए जैसा आप जानते हैं कि 30 तारीख से यह शुभ सावन का महीना चल रहा है और आज का दिन महत्वपूर्ण इसलिए हो गया है कि एक नेहा नाम की मैडम थी. उनके दो बच्चे जिला अस्पताल में पैदा हुए हैं और उनकी सहमति से दो नाम भी दिए गए हैं. कार्तिक और गणेश. बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं. निश्चित तौर से जिला अस्पताल में वह बहुत बहुत बधाई के पात्र हैं.
एसएसपी ने बताया कि वह जल लेकर चली थी. हरिद्वार से जैसे उन्हें दर्द का एहसास हुआ. जिला अस्पताल में उन्होंने रिपोर्ट किया और डॉक्टर जो मैडम हमारी उनकी पूरी टीम है. हमारे एसपी सिटी और इंस्पेक्टर और सीओ सिटी वगैरा ने तत्काल उसको अटेंड कराया, डॉक्टर से बात करके और निश्चित तौर से दोनों बच्चे उनके स्वस्थ पैदा हुए हैं और बहुत अच्छे हैं.
जच्चा-बच्चा स्वस्थ-
चिकित्सकों के अनुसार मां और दोनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा अस्पताल में उनकी देखरेख और उपचार जारी है. कांवड़ यात्रा के बीच सामने आई इस घटना ने आस्था के साथ मानवता और संवेदनशीलता की भी एक मिसाल पेश की है.
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