Raksha Bandhan The Sacred Festival of Siblings: भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस बार रक्षाबंधन 28 अगस्त दिन शुक्रवार को है. रक्षाबंधन के दिन जहां बहनें अपने भाई के सुखी जीवन और लंबी उम्र की कामना करते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधती हैं तो वहीं भाई अपनी बहन को जीवनभर रक्षा करने का वचन देते हैं. इसके साथ ही बहन को उपहार या दक्षिणा भी देते हैं. हम आज बता रहे हैं राखी बांधते समय 3, 5 या 7 कितनी गांठ लगानी चाहिए और बहन को 101, 501 या 1100 रुपए कितनी दक्षिणा देना सही है.
राखी बांधते समय कितनी गांठ लगानी चाहिए
भाई की कलाई पर राखी बांधते समय बहन को तीन गांठें लगाने की सलाह दी जाती है. इन तीन गांठों को लगाने के पीछे मान्यता है कि ये त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक है. राखी की पहली गांठ ब्रह्मा जी को समर्पित है, जो सृष्टि के रचयिता हैं. धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में अच्छी शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है. राखी की दूसरी गांठ भगवान विष्णु को समर्पित है, जो जगत पालनहार हैं. दूसरी गांठ भाई की रक्षा, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए होती है. राखी तीसरी गांठ महादेव को समर्पित है, जो संहारक और मोक्षदाता हैं. तीसरी गांठ बुरी शक्तियों और बुरे कार्यों से बचाव में मदद करती है.
...तो भाई-बहन का रिश्ता होता है और मजबूत
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक तीनों गांठों से भाई-बहन का रिश्ता और मजबूत होता है. इससे भाई के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. जब बहन ये गांठें बांधती है, तो वह न केवल अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है, बल्कि उनके रिश्ते में अटूट विश्वास और प्यार की डोर भी मजबूत करती है. राखी की पहली गांठ इस संकल्प के साथ बांधी जाती है कि भाई को लंबी उम्र, सुरक्षा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो.
दूसरी गांठ भाई-बहन के रिश्ते में अटूट प्रेम, विश्वास और सम्मान की भावना को दर्शाती है. तीसरी गांठ भाई को उसके कर्तव्यों की याद दिलाती है कि वह अपने जीवन में हमेशा धर्म, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलें और हर परिस्थिति में अपनी बहन की रक्षा करे. बहनों को राखी कि गांठ बांधते समय ॐ रक्षं च रक्षाय मंत्र का मन ही मन जाप जरूर करना चाहिए. इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि राखी में गांठें धीरे-धीरे और पूरी श्रद्धा के साथ लगाएं ताकि भगवान की कृपा आपके भाई पर सदैव बनी रहे.
रक्षाबंधन पर बहन को कितनी दक्षिणा देना सही
रक्षाबंधन के दिन बहन से राखी बंधवाने के बाद भाई की ओर से बहन को उपहार या दक्षिणा देने की परंपरा है. आपको मालूम हो कि बहन को कितने रुपए देने चाहिए, इसका कोई निश्चित धार्मिक नियम नहीं है. भाई अपनी क्षमता के मुताबिक 101 रुपए, 501, 1100 या 2100 रुपए जैसी राशि दे सकता है.
कुछ परिवारों में 11 रुपए, 21, 51 या 101 रुपए से दक्षिणा देने की शुरुआत करने की परंपरा भी है. आपको मालूम हो कि दक्षिणा की राशि से अधिक महत्व भाई की भावना और सामर्थ्य का माना जाता है. यदि बजट सीमित हो तो छोटी राशि देना भी पूरी तरह उचित है. भाई का यदि सामर्थ्य अधिक है तो वह नकद राशि के साथ कपड़े, आभूषण या बहन की पसंद का कोई उपयोगी उपहार दे सकता है.