हिंदू धर्म में सकट चौथ (Sakat Chauth) का विशेष महत्व बताया गया है. माघ मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाए जाने वाले सकट चौथ को कई नामों से जाना जाता है. इसे संकष्ठी चतुर्थी, माघी चतुर्थी, तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, वक्र-तुण्डि चतुर्थी आदि नामों से भी जाना जाता है. सकट चौथ के दिन भगवान गणेश, चंद्र देव और मां सकट की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसी धार्मिक मान्यताएं हैं कि सकट चौथे के दिन भगवान गणेश की आराधना करने से भक्त जीवन के हर संकट टल जाते हैं. इस दिन माताएं संतान की प्राप्ति और पुत्र की लंबी आयु की कामना करती हैं. सुख-समृद्धि के लिए सकट चौथ का व्रत रखती हैं.
कब है सकट चौथ
हिंदू पंचाग के मुताबिक इस बार माघ मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को सुबह 08:01 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 7 जनवरी 2026 को सुबह 06:52 बजे समाप्त होगी. ऐसे में सकट चौथ का पर्व 6 जनवरी 2026 दिन मंगलवार को मनाया जाएगा. 6 जनवरी को चंद्रदेव का उदय रात में 08 बजकर 54 मिनट पर होगा.
क्या है सकट चौथ की पूजा विधि
1. सकट चौथ के दिन सबसे पहले प्रात:काल स्नान-ध्यान करने के बाद विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करने का संकल्प लें.
2. इस दिन गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करें. पूरे दिन जलधार या फलाहार ग्रहण करें.
3. भगवान गणेश की प्रिय चीजें जैसे दूर्वा, मोदक, तिल के लड्डू, पीले पुष्प जरूर अर्पित करें.
4. शाम के समय भगवान गणेश की विधिवत उपासना करें.
5. सकट चौथ के दिन उगते हुए चंद्र देव की पूजा का बहुत महत्व होता है.
6. चंद्र देव को निगाह नीची करके अर्घ्य दें.
7. भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें.
8. गणेश जी की पूजा के बाद सकट चौथ व्रत की कथा को पढ़ें या सुनें.
9. आपने जैसी कामना की है, उसकी पूर्ति के लिए प्रार्थना करें.
सकट चौथ के दिन किसी भी बाधा को दूर करने के लिए करें ये उपाय
1. पीले वस्त्र धारण करके भगवान गणेश के समक्ष बैठें.
2. गणपत्ति बप्पा के सामने घी का चौमुखी दीपक जलाएं. इससे संतान के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
3. अपनी उम्र के बराबर लड्डू रखें. फिर एक-एक करके सारे लड्डू चढ़ाएं.
4. हर लड्डू के साथ "गं" कहते जाएं.
5. इसके बाद बाधा दूर करने की प्रार्थना करें. एक लड्डू स्वयं खा लें, बाकी बांट दें.
6. सकट चौथ वाले दिन काले तिल या फिर उससे बनी खाद्य सामग्री जैसे लड्डू आदि का दान करें. इससे संतान की आयु लंबी होती है.
7. तिल के दान से शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है.
8. संतान की लंबी आयु और सुरक्षा के लिए संकटनाश गणेश स्रोत का 108 बार पाठ करें.
9. सकट चौथ के दिन शिवलिंग पर गन्ने का रस अर्पित करना बेहद शुभ होता है.
10. शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से संतान के जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.