वाराणसी के लोगों के लिए गुड न्यूज! अब बिना भीड़ या धक्का-मुक्की के कर सकेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन, मंदिर प्रशासन ने लिया यह फैसला

काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए, मंदिर प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है. मंदिर प्रशासन ने फैसला किया है कि वाराणसी के स्थानीय लोगों के दर्शन के लिए अलग द्वार या समय सुनिश्चित किया जाए ताकि वे बिना किसी असुविधा अपने आराध्य के दर्शन कर सकें.

Kashi Vishwanath Temple
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी ,
  • 28 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

भारत में हर गांव-शहर में छोटे-बड़े मंदिर हैं. इन मंदिरों में सुबह-शाम स्थानीय लोग जाकर पूजा-पाठ करते हैं. लेकिन बहुत से शहरों में विश्वप्रसिद्ध मंदिर हैं जैसे काशी. यहां पर हर दिन देश-दुनिया से टूरिस्ट आते हैं. ऐसे में, वाराणसी के निवासी लोगों को अपना आराध्य को पूजने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. लेकिन अब यहां के स्थानीय लोगों के लिए एक गुड न्यूज है. 

वाराणसी के स्थानीय लोग काशी विश्वनाथ के दरबार में अब जल्द ही बगैर भीड़भाड़ और धक्कम-धुक्की के आराम से दर्शन कर पाएंगे. इस प्रस्ताव पर काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने ब्लू प्रिंट बनाना शुरू कर दिया है ताकि स्थानीय लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना करना न पड़े. 

क्यों लिया गया यह निर्णय 
आपको बता दें कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि दिन-प्रतिदिन काशी विश्वनाथ मंदिर में देश और दुनिया के आस्थावानों की बढ़ती भीड़ नित नए रिकॉर्ड कायम कर रही है. जिससे स्थानीय और नियमी श्रद्धालुओं को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की मानें तो अप्रैल से काशी के स्थानीय लोगों के लिए मंदिर में अलग से व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी. 

इस बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि काशी विश्वनाथ बाबा के दरबार में दर्शन के लिए पूरे विश्व से लोग आते हैं. लेकिन इसके साथ ही काशी के श्रद्धालुओं की परंपरा रही है कि वे बाबा विश्वनाथ का दैनिक दर्शन करते हैं. उनकी सुविधा को देखते हुए एक प्रस्ताव आया है कि उनके लिए एक अलग द्वार या समय दे दिया जाए और इसपर विचार किया जा रहा है. 

अप्रैल से शुरू हो जाएगी सुविधा 
उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि स्थानीय लोगों के लिए अप्रैल माह में यह सुविधा शुरू हो जाएगी. इसके लिए स्थानीय लोगों को आईडी प्रूफ से प्रमाणित किया जाएगा. इसके अलावा स्थानीय लोगों में भी कुछ लोग कभी-कभी दर्शन के लिए आते हैं तो कुछ लोग नियमित आते हैं. उनको चिन्हित करके समीक्षा की जाएगी. विशेष अवसरों पर ज्यादा श्रद्धालुओं को देखते हुए सभी के लिए सिर्फ सामान्य दर्शन ही मान्य होगा.

स्थानीय लोगों के लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है. उनका मानना है कि मंदिर प्रशासन की ओर उठाया गया यह एक अच्छा कदम है. जिसका स्थानीय श्रद्धालु स्वागत करते हैं. 

 

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