फ्लैट खरीदते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वास्तु के ये नियम दिला सकते हैं सुख, शांति और समृद्धि

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दिशा और बनावट का असर वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ सकता है. इसलिए नया फ्लैट खरीदने से पहले कुछ अहम वास्तु नियमों को ध्यान में रखना लाभकारी माना जाता है. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि नया घर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

vastu tips for new home
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST

हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो. ऐसे में हर कोई चाहता है कि नए घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे. हालांकि कई बार लोग लोकेशन, बजट और सुविधाओं पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन फ्लैट खरीदते समय वास्तु से जुड़ी जरूरी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दिशा और बनावट का असर वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ सकता है. इसलिए नया फ्लैट खरीदने से पहले कुछ अहम वास्तु नियमों को ध्यान में रखना लाभकारी माना जाता है. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि नया घर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

फ्लैट की दिशा
घर का मुख्य द्वार वास्तु में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. फ्लैट का प्रवेश द्वार उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में हो तो इसे शुभ माना जाता है. वहीं दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुख्य द्वार होने से बचने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा दरवाजे के सामने सीढ़ियां, बंद दीवार या बहुत संकरी गैलरी नहीं होनी चाहिए.

रसोई सही दिशा में होना जरूरी
वास्तु के अनुसार रसोई घर के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है. यदि यह संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम दिशा में बनी रसोई भी शुभ मानी जाती है.

मास्टर बेडरूम कहां होना चाहिए
फ्लैट खरीदते समय मास्टर बेडरूम की दिशा भी जरूर देखें. वास्तु के अनुसार इसका स्थान दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए. माना जाता है कि इस दिशा में बना बेडरूम परिवार के मुखिया का आत्मविश्वास बढ़ाता है और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है.

टॉयलेट और बालकनी की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार टॉयलेट कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं होना चाहिए. शौचालय का स्थान पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना बेहतर माना जाता है. वहीं फ्लैट की बालकनी या बड़ी खिड़कियां उत्तर या पूर्व दिशा में हों तो घर में प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा के साथ सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है.

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