हर क्लास में एक ऐसा स्टूडेंट जरूर होता है, जो कहता है कि उसने ज्यादा पढ़ाई नहीं की, लेकिन एग्जाम में सबसे अच्छे मार्क्स उसी के आते हैं. अब ऐसे में लोग सोचते हैं... ये झूठ तो नहीं बोल रहा था... बिना पढ़े टॉप कर गया. कई लोगों को लगता है कि वह जन्म से ही बहुत तेज है. लेकिन साइकोलॉजी की मानें, तो सिर्फ तेज दिमाग ही इसकी वजह नहीं होता. कई बार कुछ ऐसी बातें भी होती हैं, जो पढ़ाई को आसान बना देती हैं और बेहतर रिजल्ट दिलाने में मदद करती हैं.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन स्टूडेंट्स के घर का माहौल शांत होता है और जिन्हें परिवार का इमोशनल सोपर्ट मिलता है, वे पढ़ाई पर ज्यादा अच्छे से ध्यान लगा पाते हैं. जब दिमाग कम टेंशन लेता है, तो नई बातें याद रखना और जरूरत पड़ने पर उन्हें याद करना आसान हो जाता है. यही वजह है कि ऐसे स्टूडेंट एग्जाम में अच्छा परफॉर्म करते हैं.
एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाने के लिए सिर्फ देर रात तक पढ़ना ही जरूरी नहीं है. अच्छी और पूरी नींद भी उतनी ही जरूरी मानी जाती है. जब शरीर और दिमाग को पूरा आराम मिलता है, तो याद की गई बातें लंबे समय तक याद रहती हैं. इसके साथ ही एग्जाम के समय ध्यान लगाने और सही फैसला लेने में भी मदद मिलती है.
सााइकोलॉजी के मुताबिक, जिन स्टूडेंट्स में कॉन्फिडेंस होता है और जो बेवजह के तनाव से दूर रहते हैं, वे एग्जाम के समय बेहतर परफॉर्म कर पाते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें मेहनत नहीं करनी पड़ती. फर्क सिर्फ इतना होता है कि उनका दिमाग बिना ज्यादा दबाव के काम करता है, जिससे पढ़ी हुई बातें बेहतर तरीके से याद रहती हैं.