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2024 में अंतरिक्ष यान भेजेगा इसरो, शुक्र ग्रह पर बन रही है मिशन की योजना

चांद और मंगल के बाद अब इसरो ने शुक्र ग्रह पर मिशन करने की योजना बनाई है. इस मिशन के जरिए इसरो ना सिर्फ शुक्र ग्रह की सतह पर बल्कि सल्फ्यूरिक एसिड बादलों के नीचे के रहस्य को जानने की कोशिश करेगा.

शुक्र ग्रह
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2022,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST
  • शुक्र ग्रह पर होगा मिशन
  • 2024 में होगी मिशन की शुरूआत

शुक्र ग्रह यानी वीनस को दुनिया का सबसे गर्म ग्रह माना जाता है. इस पर आए दिन कई अध्ययन होते रहते हैं. अब इसरो ने शुक्र ग्रह पर अध्ययन करने की योजना बनाई है. चंद्रमा और मंगल पर मिशन भेजने के बाद इसरो अब सौर्य मंडल के सबसे गर्म ग्रह 'शुक्र ग्रह' की सतह पर क्या है इसकी जांच करेगा.  जिसके लिए इसको शुक्र ग्रह पर एक अंतरिक्ष यान भेजने वाला है. इस मिशन के जरिए इसरो ना सिर्फ शुक्र ग्रह की सतह पर बल्कि सल्फ्यूरिक एसिड बादलों के नीचे के रहस्य को जानने की कोशिश करेगा.

शुक्र ग्रह पर होगा मिशन
वीनसियन विज्ञान पर एक दिवसीय बैठक का संबोधन करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा शुक्र ग्रह पर मिशन की कल्पना की गई है. एक परियोजना रिपोर्ट बनाई गई है जिससे इस मिशन में लगने वाली लागत का अनुमान लगाया जाएगा. सोमनाथ ने अपने भाषण में कहा कि, "शुक्र पर एक मिशन करना अब भारत के लिए बहुत समय में संभव होगा क्योंकि अब भारत के पास क्षमता है." 

2024 में होगी मिशन की शुरूआत
इसरो 2024 के दिसंबर महीने में इस मिशन की शुरूआत करने की योजना बना रहा है. जिसमें इसरो ने अगले साल के लिए इस योजना का कक्षीय युद्धाभ्यास (orbital manoeuvres) करने की योजना बनाई है. ये समय इसलिए चुना गया है क्योंकि इस वक्त शुक्र ग्रह पृथ्वी के करीब होता है. जिससे धरती से भेजे जाने वाले स्पेसक्राफ्ट में प्रोपेलेंट भी कम लगेगा. दोबारा ऐसा विंडो 2031 में मिलेगा.
सोमनाथ ने हाल के वीनस मिशनों द्वारा किए गए परीक्षणों की नकल करने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि उसके बजाय हमें चंद्रयान-I और मार्स ऑर्बिटर मिशन जैसे अद्वितीय उच्च-प्रभाव वाले परिणामों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

 

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