क्या आपको बहुत जल्दी-जल्दी खाना खाने की आदत है? क्या आपके घर में बाकी लोग खाना खत्म करने से पहले ही आपकी प्लेट खाली हो जाती है? अगर ऐसा है तो आपकी यह आदत सिर्फ खाने की रफ्तार से जुड़ी नहीं हो सकती. साइकोलॉजी बताती है कि बहुत तेजी से खाने वाले लोगों में कुछ खास बिहेवियर और पर्सनेलिटी की आदतें देखने को मिल सकती हैं. लेकिन, सिर्फ खाने की रफ्तार से किसी व्यक्ति के पूरी पर्सनेलिटी को तय नहीं किया जा सकता.
जो लोग तेजी से खाना खाते हैं, वे अक्सर समय को काफी महत्व देते हैं. वे किसी काम को ज्यादा देर तक खींचने के बजाय उसे जल्दी पूरा करके अगले काम पर जाना पसंद कर सकते हैं. उनके लिए खाना भी कई बार आराम करने के बजाय एक ऐसा काम होता है, जिसे जल्दी पूरा करना है. ऐसे लोग अपनी दिनचर्या को तेज और व्यवस्थित रखना पसंद कर सकते हैं.
तेजी से खाने वाले लोग कई बार लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर होते हैं. वे अपने काम को पूरा करने और तय लक्ष्य तक पहुंचने पर ध्यान देते हैं. उनकी सोच में यह बात हो सकती है कि समय बचाकर ज्यादा काम किया जाए. इसी वजह से वे पढ़ाई, नौकरी या रोजमर्रा के दूसरे कामों में भी तेज रफ्तार से काम करने की कोशिश कर सकते हैं.
कुछ तेज खाने वाले लोग एक समय में कई काम करने के आदी होते हैं. खाना खाते हुए फोन देखना, बातचीत करना या काम के बारे में सोचना उनके लिए सामान्य हो सकता है. इस वजह से वे खाने पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते और भोजन जल्दी खत्म कर देते हैं.
तेजी से खाना केवल व्यक्तित्व से जुड़ा विषय नहीं है. बहुत जल्दी खाने से पेट भरा होने का संकेत देर से महसूस हो सकता है, जिससे जरूरत से ज्यादा खाना खाने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए कोशिश करें कि हर निवाले को अच्छी तरह चबाएं और भोजन के समय जल्दबाजी न करें.
आखिर में यह समझना जरूरी है कि खाने की रफ्तार आपके व्यक्तित्व का पूरा सच नहीं बताती. आपकी आदत पर काम का दबाव, समय की कमी, बचपन की आदत और रोज की दिनचर्या जैसे कई कारण असर डाल सकते हैं.