एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने जीता करियर का पहला ग्रैंडस्लैम, 30 साल बाद ऐसा करने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बने

एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने फ्रेंच ओपन 2026 का खिताब जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंडस्लैम अपने नाम कर लिया है. ये पल पूरे जर्मनी के लिए ऐतिहासिक है. इस जीत के साथ ज्वेरेव 30 साल बाद ग्रैंडस्लैम जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं.

Alexander zverev wins french open 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:36 AM IST

जर्मनी के स्टार टेनिस 29 साल के खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आखिरकार वह उपलब्धि हासिल कर ली, जिसका इंतजार उन्हें कई वर्षों से था. रोलां गैरो की लाल मिट्टी पर खेले गए फ्रेंच ओपन 2026 के फाइनल में ज्वेरेव ने इटली के फ्लावियो कोबोली को हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया. इस जीत के साथ उन्होंने न सिर्फ अपना सपना पूरा किया, बल्कि जर्मन टेनिस के लिए भी एक नया इतिहास रच दिया.

पांच सेट तक चला रोमांचक मुकाबला
फाइनल मुकाबला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था. दोनों खिलाड़ियों के बीच चार घंटे 16 मिनट तक जीत के लिए जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला. ज्वेरेव ने पहला सेट 6-1 से आसानी से जीतकर शानदार शुरुआत की, लेकिन कोबोली ने हार नहीं मानी और दूसरे सेट में दमदार वापसी करते हुए 6-4 से मुकाबला बराबर कर दिया.

इसके बाद तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां और कड़ी टक्कर देखने को मिली. हालांकि अहम मौकों पर ज्वेरेव ने बेहतर खेल दिखाया और 6-4 से सेट अपने नाम कर लिया.

कोबोली ने दिखाई जबरदस्त लड़ाई
मैच का चौथा सेट बेहद रोमांचक रहा. ऐसा लग रहा था कि ज्वेरेव यहीं मुकाबला खत्म कर देंगे, लेकिन कोबोली ने शानदार जज्बा दिखाया. सेट टाईब्रेक तक पहुंचा और इटली के खिलाड़ी ने दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन करते हुए सेट जीत लिया. इसके बाद मुकाबला निर्णायक पांचवें सेट में पहुंच गया, जहां दोनों खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव साफ दिखाई दे रहा था.

निर्णायक सेट में दिखा चैंपियन वाला खेल
पांचवें और आखिरी सेट में ज्वेरेव पूरी तरह अलग अंदाज में नजर आए. उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल अपनाया और कोबोली को वापसी का कोई मौका नहीं दिया. लगातार अंक जुटाते हुए उन्होंने सेट 6-1 से जीत लिया और जैसे ही आखिरी अंक उनके नाम हुआ, वर्षों का इंतजार खत्म हो गया.

तीन फाइनल हारने के बाद मिली सफलता
ज्वेरेव के लिए यह खिताब इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले वह तीन बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में पहुंचकर खाली हाथ लौट चुके थे. 2024 के फ्रेंच ओपन फाइनल की हार अभी भी उनके करियर का बड़ा दर्द मानी जाती थी. लेकिन इस बार उन्होंने खुद को साबित कर दिया. लगातार असफलताओं के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार सबसे बड़े मंच पर जीत हासिल कर ली.

जर्मनी के लिए भी ऐतिहासिक पल
इस जीत के साथ ज्वेरेव पिछले 30 साल में ग्रैंडस्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं. इससे पहले 1996 में बोरिस बेकर ने ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी. यानी तीन दशक बाद किसी जर्मन खिलाड़ी ने फिर से ग्रैंडस्लैम ट्रॉफी अपने नाम की है.

बड़े खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद बढ़ा था दबाव
इस बार टूर्नामेंट में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले. कार्लोस अल्काराज की गैरमौजूदगी और जानिक सिनर व नोवाक जोकोविच के शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद खिताब की सबसे बड़ी उम्मीद ज्वेरेव पर आ गई थी. दबाव काफी था, लेकिन ज्वेरेव ने इसे बोझ नहीं बनने दिया. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में संयम बनाए रखा और फाइनल में अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया.

ज्वेरेव के करियर की सबसे बड़ी जीत
फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और धैर्य का इनाम है. 125 ग्रैंडस्लैम मैच जीतने के बाद उन्हें पहला मेजर खिताब मिला है. यही वजह है कि यह जीत उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धि मानी जा रही है. ज्वेरेव ने साबित कर दिया है कि इंतजार भले लंबा हो, लेकिन मेहनत का फल आखिरकार मिलता जरूर है.
 

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