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Ind vs Sl Test Series: 23 टेस्ट मैच में 125 विकेट... प्रभात जयसूर्या का गजब रिकॉर्ड, भारतीय टीम को श्रीलंका के इस खिलाड़ी से रहना होगा सचेत

Prabhat Jayasuriya Record: भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए श्रीलंका पहुंच गई है. इस सीरीज में टीम इंडिया के बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा होने वाली है. भारतीय बल्लेबाजों के लिए श्रीलंका टीम के स्पिनर प्रभात जयसूर्या सबसे बड़ा खतरा हैं. भारत को जिस मैदान पर दोनों टेस्ट मैच खेलने हैं, वहां इस खिलाड़ी का रिकॉर्ड काफी शानदार है. ऐसे में भारत को यदि श्रीलंका में टेस्ट मैच जीतना है तो इस गेंदबाज को विकेट नहीं देना होगा. 

Prabhat Jayasuriya (Photo: Social Media)
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:28 AM IST

टीम इंडिया अब श्रीलंका से भिड़ने के लिए तैयार है. भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए श्रीलंका पहुंच भी गई है. इस टेस्ट सीरीज का पहला मैच 15 से 19 अगस्त तक गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. इसके बाद दूसरा और अंतिम मुकाबला 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर होगा. दोनों मुकाबले भारतीय समयानुसार सुबह 10:00 बजे शुरू होंगे. इस सीरीज में टीम इंडिया के बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा होने वाली है. भारतीय बल्लेबाजों के लिए श्रीलंका टीम के लेफ्ट आर्म स्पिनर प्रभात जयसूर्या सबसे बड़ा खतरा हैं. भारत को जिस मैदान पर दोनों टेस्ट मैच खेलने हैं, वहां इस खिलाड़ी का रिकॉर्ड काफी शानदार है. ऐसे में भारत को यदि श्रीलंका में टेस्ट मैच जीतना है तो इस गेंदबाज को विकेट नहीं देना होगा. 

12 बार पारी में ले चुके हैं 5 विकेट 
आपको मालूम हो कि श्रीलंका के बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या ने साल 2012 में कोलंबो क्रिकेट क्लब की ओर से खेलते हुए अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. उन्होंने साल 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से अपना वनडे इंटरनेशनल डेब्यू किया था. प्रभात जयसूर्या ने 8 जुलाई 2022 को टेस्ट में डेब्यू किया था. प्रभात के नाम 23 टेस्ट मैचों में 125 विकेट हैं. इतना ही नहीं, वह 12 बार पारी में 5 विकेट और 2 बार मैच में 10 विकेट ले चुके हैं. प्रभात जयसूर्या के नाम श्रीलंका में खेले 14 मैचों में कुल 96 विकेट हैं. ऐसे भारतीय बल्लेबाजों को इस खिलाड़ी के बालों को सतर्क होकर खेलना होगा. विकेट को जल्दी नहीं गंवाना होगा.

इस मैदान पर प्रभात जयसूर्या का चलता है सिक्का
टीम इंडिया को श्रीलंका से अपना पहला मैच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेलना है. आपको मालूम हो कि यह वही क्रिकेट ग्राउंड है, जहां प्रभात जयसूर्या का सिक्का चलता है. आपको मालूम हो कि प्रभात जयसूर्या ने इसी मैदान पर जुलाई 2022 में डेस्ट में डेब्यू किया था. उन्होंने इस मैच की दोनों पारियों में 6-6 विकेट हासिल किए थे. इस तरह से उन्होंने कुल 12 विकेट अपने नाम किए थे. अपने डेब्यू महीने में इस खिलाड़ी ने गदर मचा दिया था. उन्हें जुलाई माह का आईसीसी मेंस प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया था. गॉल मैदान पर प्रभात जयसूर्या विपक्षी बल्लेबाजों को खूब परेशान करते हैं. 

इस मैदान पर प्रभात जयसूर्या अभी तक कुल 11 टेस्ट मैच खेले हैं और 81 विकेट अपने नाम कर चुके हैं. इसमें वह 9 बार एक पारी में 5 या उससे अधिक विकेट झटक चुके हैं. प्रभात ने इस मौदान पर 2 बार 10 विकेट झटके हैं. आपको मालूम हो कि कोलंबो के एसएससी मैदान पर भी प्रभात जयसूर्या का रिकॉर्ड शानदार है. उन्होंने इस मैदान पर सिर्फ 3 टेस्ट मैच में 15 विकेट लिए हैं. इसमें दो बार एक पारी में 5 विकेट लेने का रिकॉर्ड शामिल है. इस तरह से हम कह सकते हैं कि इस टेस्ट सीरीज के दोनों वेन्यू पर प्रभात जयसूर्या भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी परीक्षा होंगे. 

ढीली गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाना होगा 
आपको मालूम हो कि भारतीय बल्लेबाजों की अभी सबसे बड़ी कमजोरी स्पिनर्स हैं. उन्हें अपनी कमजोरी को दूर करना होगा क्योंकि भारतीय बल्लेबाजों की इस कमजोरी के बारे में श्रीलंका की टीम भी जानती है. वह आगामी टेस्ट सीरीज में उसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश कर सकती है. इस टेस्ट सीरीज में कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और ऋषभ पंत पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी. सिर्फ विकेट ही नहीं बचानी होगी बल्कि स्पिनरों के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट भी करनी होगी. पैरों का बेहतरीन इस्तेमाल करना होगा और ढीली गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाना होगा. यदि टीम इंडिया के बल्लेबाज सिर्फ रक्षात्मक रवैया अपनाएंगे तो श्रीलंकाई स्पिनर उन पर हावी हो सकते हैं. 

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की टीम
शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन और आकिब नबी.


 

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