ट्राई नेशन ए सीरीज का चौथा मुकाबला इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया. इस दौरान एक विवाद सुर्खियां बन रहा है. मैदान पर श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे की जमकर कहासुनी हुई. इस दौरान सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का भी दिया. अब सवाल उठ रहा है कि मैदान पर धक्का-मुक्की करने के आरोप में आईसीसी वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ एक्शन ले सकता है. क्या विराट कोहली की तरह सूर्यवंशी पर भी एक्शन लिया जा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि आईसीसी किस नियम के तहत सूर्यवंशी के खिलाफ एक्शन ले सकता है. हालांकि आईसीसी आमतौर पर ए टीमों के मुकाबलों से संबंधित विवादों पर फैसला नहीं लेती है.
कोहली जैसा लग सकता है बैन?
टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली पर भी आईसीसी एक्शन ले चुका है. ये मामला साल 2024 का है, जब विराट कोहली के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में एक्शन लिया गया था. आईसीसी की तरफ से मैच फीस का 20 फीसदी जुर्माना और 1 डिमेरिट प्वाइंट दिया गया था. कोहली ने एक टेस्ट मैच के दौरान विरोदी टीम के खिलाड़ी से कंधे से कंधा टकराने और बहस करने का दोषी पाया गया था. हालांकि वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई खिलाड़ी के साथ शारीरिक हाथपाई की है. इसलिए सूर्यवंशी पर आईसीसी के दूसरे नियम के तहत एक्शन हो सकता है.
किस नियम के तहत हो सकता है एक्शन?
आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.12 के तहत इंटरनेशनल मैच के दौरान किसी खिलाड़ी, अंपायर या मैच रेफरी के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से संबंधित मामलों में एक्शन लिया जाता है. इस नियम के तहत खेल के दौरान जानबूझकर या लापरवाही से किया गया कोई भी शारीरिक संपर्क पूरी तरह से बैन है. अगर खिलाड़ी को दोषी पाया जाता है तो इस नियम के तहत एक्शन लिया जा सकता है. खिलाड़ी पर जुर्माना लगाया जाता है. अगर मामला गंभीर होता है तो खिलाड़ी पर एक या 2 मैचों का बैन भी लगाया जा सकता है. हालांकि जांच के दौरान ये देखा जाता है कि धक्का जानबूझकर दिया गया है या गलती से हुआ है. अगर धक्का जानबूझकर दिया गया है तो उसमें कितनी ताकत थी. क्या सामने वाले खिलाड़ी को कोई चोट आई है? इस तमाम चीजों को देखकर ही एक्शन लिया जाता है. अगर मामला ज्यादा गंभीर नहीं है तो चेतावनी दी जा सकती है.
आमतौर पर ICC नहीं देती दखल-
श्रीलंकाई खिलाड़ियों और भारतीय खिलाड़ियों के बीच हाथापाई गंभीर मामला है. इसके गंभीर नतीजे भी हो सकते हैं. हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) आमतौर पर ए-टीम सीरीज से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों का निपटारा नहीं करती है. आईसीसी ऐसे टूर्नामेंट के लिए मैच अधिकारियों की नियुक्ति भी नहीं करती है. इसलिए माना जा रहा है कि आईसीसी इस मामले में शायद ही एक्शन ले.
विशेन और सूर्यवंशी में हुई थी बहस-
इंडिया ए और श्रीलंका ए के मैच के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों की वैभव सूर्यवंशी के साथ बहस हुई थी. इस दौरान सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दिया था. हालांकि कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने बीच-बचाव किया और मामला शांत हो गया. ये बहस श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलम्बागे के कमेंट के बाद हुई. लेकिन सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस छिड़ी हुई है.
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