इतिहास में पहली बार फुटबॉल में हुआ White card का इस्तेमाल...क्या है इसकी वजह और क्या होता है फुटबॉल में दूसरे कार्ड का मतलब, जानिए

फुटबॉल में रेड और येलो कार्ड का इस्तेमाल करते हुए तो आपने देखा होगा लेकिन इतिहास में पहली बार सफेद कार्ड का प्रयोग हुआ.सफेद कार्ड एक नई पहल है जिसे निष्पक्ष खेल और खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए फुटबॉल में पेश किया गया है. इसे बेनफिका और स्पोर्टिंग लिस्बन के बीच महिला कप के क्वार्टर फाइनल मैच में दिखाया गया.

Football white card
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

फुटबॉल के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जब शनिवार (21 जनवरी) को पुर्तगाल में खेल में पहली बार सफेद कार्ड दिया गया था. सफेद कार्ड बेनफिका और स्पोर्टिंग लिस्बन के बीच महिला कप के क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान दिखाया गया था, जो काफी बड़े प्रतिद्वंद्वी हैं. मैच बेनफिका के पक्ष में जा रहा था, जो 3-0 से आगे चल रही थी जब सफेद कार्ड दिखाया गया था और एस्टाडियो दा लूज की भीड़ ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी.

क्यों दिखाया सफेद कार्ड?
सफेद कार्ड एक नई पहल है जिसे निष्पक्ष खेल और खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए फुटबॉल में पेश किया गया है. वाइट कार्ड का सही उद्देश्य और इसे प्राप्त करने के परिणामों की घोषणा अभी बाकी है. इसका उद्देश्य उन खिलाड़ियों के लिए एक चेतावनी के रूप में उपयोग किया जाना है, जो पीला कार्ड मिलने के बावजूद अधिकारियों के प्रति असहमति रखते हैं और मैदान पर अनस्पोर्ट्समैन कंडक्ट दिखाते हैं. 

दरअसल पहले हाफ की समाप्ति के बाद बेंच पर कोई बीमार हो गया था जिसकी मदद के लिए दोनों टीमों का मेडिकल स्टॉफ पहुंच गया. डर्बी मुकाबला होने के बावजूद इस तरह की भावना काफी मायने रखती है और इसीलिए रेफरी ने मेडिकल टीम को सफेद कार्ड दिखाकर उनका सम्मान किया.

क्या होता है येलो कार्ड का मतलब?
मैच के दौरान फाउल होने पर नियमों के तहत ये कार्ड दिए जाते है. इसके अलावा अगर फाउल होता है को ऑफसाइड का पालन होता है. ऑफसाइड में खिलाड़ी गेंद का बचाव किए बिना दूसरे खिलाड़ी के आगे नहीं जा सकता है. अगर विपक्षी टीम के गोल रेखा के पास कोई खिलाड़ी ऐसा करता है तो इसे फाउल माना जाता है.अगर खिलाड़ी को रेफरी कोई गलत व्यवहार करते हुए देखता है तो खिलाड़ी को येलो कार्ड दे सकता है. येलो कार्ड मिलने के बाद खिलाड़ी को मैदान से बाहर बैठना होता है. ऐसे में येलो कार्ड मिलना किसी भी टीम के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है. अगर किसी खिलाड़ी को येलो कार्ड मिला है तो उसकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को मैदान में जाने की इजाजत नहीं होती है यानी टीम एक खिलाड़ी की कमी के साथ मैच खेलती है.
 
क्या होता है रेड कार्ड का मतलब?
जबकि रेड कार्ड भी खिलाड़ियों के गलत व्यवहार के लिए दिया जाता है. अगर किसी खिलाड़ी को एक लाल कार्ड मिलता है तो वो अगले मैच से भी बाहर हो जाता है. इसके अलावा कई मामलों में फीफा कार्ड मिलने वाले खिलाड़ियों पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाती है. बता दें कि फुटबॉल के नियमों के मुताबिक किसी टीम को 5 रेड कार्ड दिखाए जाएं तो मैच खत्म हो जाता है. फुटबॉल का कोई भी मैच सात खिलाड़ियों से कम के साथ नहीं खेला जा सकता है. 

 

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