देश में बढ़ती गैस की कीमतों और प्रदूषण के बीच अब एक ऐसी तकनीक सामने आई है, जो रसोई की तस्वीर बदल सकती है. हरियाणा के एक स्टार्टअप ने ऐसा चूल्हा बनाया है जो LPG नहीं, बल्कि पानी से चलता है. जी हां, तो चलिए आपको बताते हैं इस खास तकनीक के बारे में.
रसोई में अब गैस सिलेंडर की जरूरत खत्म हो सकती है… क्योंकि भारतीय स्टार्टअप Greenvize लेकर आया है एक अनोखा हाइड्रोजन कुकिंग स्टोव, जो पानी और बिजली से खुद ही गैस बनाता है. इस चूल्हे में लगी खास तकनीक पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में तोड़ती है और यही हाइड्रोजन गैस बनकर खाना पकाने में इस्तेमाल होती है.
LPG और इंडक्शन दोनों का बेहतर विकल्प
सिर्फ 100 मिलीलीटर डिस्टल वॉटर और लगभग 1 यूनिट बिजली से यह चूल्हा 6 घंटे तक लगातार खाना पका सकता है. कंपनी का दावा है कि यह तकनीक LPG और इंडक्शन दोनों का बेहतर विकल्प बन सकती है. खासतौर पर होटलों, कम्युनिटी किचन और ऐसे इलाकों में जहां गैस की खपत बहुत ज्यादा होती है.
क्लीन और इको-फ्रेंडली कुकिंग
एलपीजी गैस की तुलना में ये जल्दी खाना तैयार कर देती है. यानी समय की खपत भी इसके जरिए कम होती है. खास बात ये है कि इसमें ना धुआं होता है, ना कार्बन उत्सर्जन. यानि पूरी तरह क्लीन और इको-फ्रेंडली कुकिंग. बड़ी बात ये भी कि ये AQI को भी बेहतर करने में मदद करता है.
कितनी है कीमत
इस चूल्हे की कीमत फिलहाल करीब 1 लाख रुपये तक है और अभी इसे बड़े किचन और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. लेकिन इस घरेलू इस्तेमाल के लिए कैसे तैयार किया जाए इस पर भी रिसर्च जारी है. बढ़ते प्रदूषण और महंगे ईंधन के दौर में पानी से चलने वाला ये चूल्हा भविष्य की रसोई की झलक दिखा रहा है.
रिपोर्टर: मनीष चौरसिया
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