AI cycle
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सूरत के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा से सभी को चौंका दिया है. ‘Creative Science’ के नाम से मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और इनोवेटर शिवम मौर्य ने अपने साथी गुरप्रीत अरोड़ा के साथ मिलकर एक ऐसी अनोखी ‘घोस्ट साइकिल’ तैयार की है, जो बिना किसी चालक के सड़क पर दौड़ती है. इसे देखकर लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति इसे चला रही हो, इसी वजह से लोग इसे 'भूतिया साइकिल' कहने लगे हैं.
3 महीने की मेहनत से तैयार हुआ प्रोजेक्ट
बी.टेक के छात्र शिवम मौर्य और उनके साथी गुरप्रीत अरोड़ा ने करीब 3 महीने की कड़ी मेहनत के बाद इस साइकिल को तैयार किया है. इस प्रोजेक्ट को बनाने में लगभग 35,000 रुपये की लागत आई है. शिवम ने बताया कि इस कॉन्सेप्ट की प्रेरणा उनकी पहले बनाई गई बिना ड्राइवर वाली 'गरुड़ AI बाइक' से मिली, जो राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रही थी.
AI और इंजीनियरिंग का शानदार इस्तेमाल
इस साइकिल की सबसे बड़ी खासियत इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम है. इसमें इंसानी पैरों जैसा एक स्ट्रक्चर लगाया गया है, जो साइकिल चलते समय बिल्कुल असली पैडल मारने जैसा दिखाई देता है. यही चीज इसे और भी रोमांचक और थोड़ा डरावना बनाती है.
असल में साइकिल को आगे बढ़ाने का काम फ्रंट व्हील में लगी मोटर करती है. जैसे ही आगे का पहिया घूमता है, पीछे का पहिया और पैडल भी घूमने लगते हैं, जिससे पैर ऊपर-नीचे होते हुए दिखाई देते हैं. इसी वजह से पहली नजर में लोगों को लगता है कि कोई अदृश्य शक्ति इसे चला रही है.
तीन तरीकों से होती है कंट्रोल
शिवम ने बताया कि इस साइकिल को तीन अलग-अलग तरीकों से ऑपरेट किया जा सकता है. पहला, इसे स्मार्टफोन ऐप के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है. दूसरा, इसके लिए एक खास रिमोट भी बनाया गया है. तीसरा, इसमें कोडिंग करके किसी तय रूट पर पूरी तरह ऑटोमैटिक मोड में चलाया जा सकता है. साइकिल में बैटरी, कंट्रोलर, रास्पबेरी पाई, सेंसर और लीनियर एक्ट्यूएटर जैसे उपकरण लगाए गए हैं, जो इसे बैलेंस, टर्निंग और रूट कंट्रोल में मदद करते हैं.
सड़क पर लोगों के अनोखे रिएक्शन
जब इस साइकिल को टेस्टिंग के लिए सूरत की सड़कों पर उतारा गया, तो लोगों के अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिले. कई लोग गाड़ियां रोककर वीडियो बनाने लगे, वहीं छोटे बच्चे डरकर अपनी मां के पास भागते नजर आए. कुछ लोग वीडियो कॉल पर अपने घरवालों को दिखाते हुए कहते दिखे. शिवम के मुताबिक, यह कोई भूतिया ताकत नहीं, बल्कि पूरी तरह एक सेल्फ ड्राइव कॉन्सेप्ट है, जिसे लोगों ने प्यार से 'भूतिया साइकिल' नाम दे दिया है.
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