लखनऊ के अलीगंज इलाके से साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक रिटायर्ड पेंशनर से 45 लाख 10 हजार रुपये ठग लिए गए. ठगों ने खुद को ब्रोकिंग कंपनी का एजेंट बताकर पहले भरोसा जीता, फिर फर्जी ऐप के जरिए करोड़ों का मुनाफा दिखाकर निवेश बढ़वाते रहे.
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित राकेश कुमार के मुताबिक, 8 दिसंबर को उनका संपर्क 'RBK शेयर ब्रोकिंग लिमिटेड' नाम की एक कथित कंपनी से हुआ. अमोल सुरवाडे और आशीम शर्मा नाम के लोगों ने उन्हें फोन और मैसेज के जरिए संपर्क किया. उन्होंने IPO, FPO और ब्लॉक डील में 25 से 30 फीसदी तक रिटर्न का लालच दिया, जो आम निवेश से कहीं ज्यादा था.
इसके बाद ठगों ने उन्हें 'RBK PMS Pro' नाम का एक मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया और उसमें निवेश खाता खुलवाया. शुरुआत में ऐप पर छोटे-छोटे मुनाफे दिखाए गए, जिससे भरोसा बढ़ता गया.
बुजुर्ग को कैसे फंसाया गया?
ऐप में लगातार फर्जी डेटा दिखाकर यह जताया गया कि निवेश तेजी से बढ़ रहा है. इसके बाद अलग-अलग तारीखों में पीड़ित से उनकेखाते से विभिन्न नोडल खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए. कुल मिलाकर पीड़ित ने 45 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. कुछ समय बाद ऐप में उनकी कुल संपत्ति 10 करोड़ 99 लाख रुपये दिखाई जाने लगी, जिससे उन्हें लगा कि उनका निवेश कई गुना बढ़ गया है.
कब हुआ शक?
जब पीड़ित ने अपने मुनाफे में से 50 लाख रुपये निकालने की कोशिश की, तब ठगों ने नया खेल शुरू किया. उन्होंने फाइनेंस डिपार्टमेंट बनकर चैनल एक्टिवेशन फीस के नाम पर 22 लाख रुपये और मांगे. पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया. इसके बाद उनका ऐप अकाउंट फ्रीज कर दिया गया और 3 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया गया.
पुलिस को कैसे पता चला?
इसी बीच साइबर पुलिस नागपुर से सूचना मिली कि जिन खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया था, वे फर्जी कंपनियों से जुड़े हैं और पहले भी साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हो चुके हैं. इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और अब मामले की जांच चल रही है.
ऐसे स्कैम से कैसे बचें?
ज्यादा रिटर्न का लालच पहचानें.
25-30% गारंटीड रिटर्न का दावा हमेशा संदिग्ध होता है. शेयर बाजार में ऐसा स्थिर मुनाफा संभव नहीं.
अनजान ऐप डाउनलोड न करें.
किसी भी निवेश के लिए केवल भरोसेमंद और आधिकारिक ऐप का ही इस्तेमाल करें.
किसी भी कंपनी में निवेश से पहले उसकी जांच करें.
निवेश से पहले कंपनी को SEBI या अन्य आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर वेरिफाई करें.
नोडल खातों में पैसा ट्रांसफर करने से बचें.
बार-बार अलग-अलग खातों में पैसे भेजने को कहा जाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं.
अगर पैसा निकालने में दिक्कत आए तो यह स्कैम का संकेत हो सकता है.
अगर स्कैम हो जाए तो क्या करें?
तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और ट्रांजैक्शन कैंसिल करें.
1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें.
साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें.
नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं.