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विंडोज़ अपडेट का खुद अचानक शुरू हो जाना लंबे समय से यूजर्स के लिए परेशानी बनी हुई थी. खासतौर पर तब, जब आप किसी जरूरी काम में व्यस्त हों या सिस्टम बंद करने ही वाले हों. अब माइक्रोसॉफ्ट ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विडोज़ अपजेट में कई अहम बदलाव किए हैं, जो यूजर्स के अनुभव को पहले से कहीं बेहतर बनाने वाले हैं.
सबसे बड़ा बदलाव 'पॉज़ अपडेट' फीचर में किया गया है. अब यूजर्स एक बार में 35 दिनों तक अपडेट को रोक सकते हैं. पहले यह सुविधा सीमित थी, लेकिन अब इसे ज्यादा फ्लेक्सिबल बना दिया गया है. नए अपडेट के तहत एक आसान कैलेंडर इंटरफेस दिया जाएगा, जहां यूजर अपनी सुविधा के अनुसार तारीख चुन सकता है. उस तारीख तक कोई भी नया अपडेट सिस्टम में इंस्टॉल नहीं होगा.
बार-बार बढ़ा सकेंगे अपडेट की समय सीमा
इस फीचर की खास बात यह है कि 35 दिन पूरे होने के बाद यूजर्स इसे फिर से अगले 35 दिनों के लिए बढ़ा सकते हैं. यानी अगर आप किसी लंबे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो अपडेट को लंबे समय तक टालना पॉसिबल होगा. लेकिन, माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी सलाह दी है कि सुरक्षा से जुड़े अपडेट को ज्यादा समय तक नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है.
'अपडेट एंड रिस्टार्ट' से मिली राहत
एक और बड़ा बदलाव 'अपडेट एंड रिस्टार्ट' ऑप्शन में किया गया है. पहले जब भी सिस्टम में कोई अपडेट पेंडिंग होता था, तो शट डाउन या रिस्टार्ट के दौरान जबरदस्ती अपडेट लागू करने का ऑप्शन दिखाया जाता था. कई बार यूजर्स की पसंद के बावजूद सिस्टम अपडेट शुरू कर देता था. अब इस समस्या को दूर कर दिया गया है. अगर यूजर सामान्य रिस्टार्ट या शट डाउन चुनता है, तो सिस्टम वही करेगा और बिना पर्मिशन अपडेट शुरू नहीं होगा.
ड्राइवर अपडेट्स होंगे ज्यादा क्लियर
ड्राइवर अपडेट्स को लेकर भी माइक्रोसॉफ्ट ने सुधार किया है. अब अपडेट के नाम अधिक जरूरी चीज़ यूजर समझ सकेगा. यूजर आसानी से जान पाएगा कि कौन सा अपडेट डिस्प्ले, ऑडियो, बैटरी या किसी अन्य हार्डवेयर से जुड़ा है.