डिजिटल युग में मोबाइल नंबर सिर्फ कॉल करने या इंटरनेट चलाने तक सीमित नहीं रह गया है. आज बैंकिंग, UPI, सोशल मीडिया अकाउंट और कई सरकारी सेवाएं आपके मोबाइल नंबर से जुड़ी हैं. ऐसे में अगर आपके नाम पर कोई फर्जी SIM एक्टिव हो, तो यह आपकी पहचान और आपके पैसों दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. कई बार लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनके आधार से एक से ज्यादा मोबाइल नंबर चल रहे हैं, और यहीं से फ्रॉड की शुरुआत होती है.
आजकल OTP चोरी, फेक कॉलिंग और फर्जी अकाउंट जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसकी बड़ी वजह यह है कि लोग यह चेक ही नहीं करते कि उनके नाम पर कितने SIM एक्टिव हैं. अच्छी बात यह है कि अब इसके लिए टेलीकॉम ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है. सरकार ने TAFCOP पोर्टल के जरिए यह काम बेहद आसान कर दिया है.
कैसे मदद करता TAFCOP पोर्टल?
TAFCOP (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection) संचार विभाग का आधिकारिक पोर्टल है. यहां से आप अपने आधार से जुड़े सभी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी घर बैठे देख सकते हैं. इसके लिए आपको TAFCOP की वेबसाइट खोलनी होगी, जहां अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर डालकर कैप्चा भरना है और 'Send OTP' पर क्लिक करना है. फोन पर आए OTP को डालते ही आप लॉगिन हो जाएंगे.
आपके नाम पर कितने SIM हैं, ऐसे करें चेक
लॉगिन करने के बाद आपकी स्क्रीन पर उन सभी SIM की लिस्ट दिखेगी, जो आपके नाम पर जारी हैं. इसमें यह भी साफ दिखेगा कि कौन-सा नंबर एक्टिव है और कौन-सा इनएक्टिव. अगर आपको कोई ऐसा नंबर दिखे जो आपका नहीं है या जिसकी अब जरूरत नहीं रही, तो उसके सामने दिए गए 'This is not my number' या 'Not required' विकल्प को चुनें और रिपोर्ट कर दें. इसके बाद उस नंबर की री-वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इस पूरी प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता.
फर्जी SIM हटाने के फायदे
फर्जी या अनजान SIM को ब्लॉक कराने से सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपके नाम से कोई गलत गतिविधि नहीं हो पाती. इससे बैंक फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, फेक कॉलिंग और पहचान चोरी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. साथ ही आपके बैंकिंग OTP और पर्सनल डेटा भी ज्यादा सुरक्षित रहते हैं. जो SIM अब काम के नहीं हैं, उन्हें भी आसानी से बंद कराया जा सकता है.