क्या आप भी फ्री VPN इस्तेमाल करते हैं? हो सकता है कि आप पैसे न दे रहे हों, लेकिन कंपनी किसी और तरीके से कमाई कर रही हो, जिसके बारे में आपको पता नहीं. तो चलिए फ्री VPN का बिजनेस मॉडल आपको बताते हैं. प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर कई ऐसे VPN ऐप्स मौजूद हैं जो बिना कोई पैसा लिए अपनी सर्विस देते हैं. तो चलिए कमाई का तरीका बताते हैं.
विज्ञापनों से होती है सबसे ज्यादा कमाई
ज्यादातर फ्री VPN ऐप्स की कमाई का सबसे बड़ा जरिया विज्ञापन होते हैं. जब भी आप ऐप खोलते हैं, सर्वर बदलते हैं या किसी फीचर का इस्तेमाल करते हैं, तब आपको वीडियो या बैनर ऐड्स दिखाई देते हैं. हर बार विज्ञापन देखने या उस पर क्लिक करने से VPN कंपनी को पैसे मिलते हैं. इसलिए जितने ज्यादा यूजर होंगे, उतनी ज्यादा कमाई होगी.
कई VPN कंपनियां दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर काम करती हैं. वे अपने ऐप में दूसरे प्रोडक्ट या सर्विस को प्रोमोट करती हैं. अगर कोई यूजर उस लिंक से खरीदारी करता है या किसी सर्विस का सब्सक्रिप्शन लेता है, तो VPN कंपनी को कमीशन मिलता है. इसे एफिलिएट मार्केटिंग कहा जाता है.
कई VPN ऐप्स फ्री के साथ-साथ प्रीमियम प्लान भी देते हैं. फ्री यूजर को बेसिक सुविधा मिलती है, लेकिन तेज स्पीड, ज्यादा सर्वर, बिना विज्ञापन वाला अनुभव और बेहतर सुरक्षा जैसी सुविधाओं के लिए प्रीमियम प्लान लेना पड़ता है. इसी से कंपनियों की अच्छी कमाई होती है.
हर फ्री VPN ऐसा नहीं करता, लेकिन कुछ ऐप्स यूजर की ब्राउजिंग से जुड़ा बिना नाम वाला डेटा इकट्ठा करते हैं. इस डेटा का इस्तेमाल रिपोर्ट तैयार करने या मार्केट रिसर्च के लिए किया जा सकता है. इसलिए किसी भी VPN ऐप का इस्तेमाल करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी जरूर पढ़ें.