Deepinder Goyal Temple Device: किस डिवाइस को पहना पॉडकास्ट में दीपेंद्र गोयल ने.. जिसका बना सोशल मीडिया पर जमकर मज़ाक

जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल हाल ही में एक पॉडकास्ट में नजर आए थे. इस दौरान उनकी कनपटी पर एक छोटी सी डिवाइस लगी हुई थी. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे च्युइंग गम बताया, तो कुछ लोगों ने एक्सटर्नल SSD या चार्जिंग पैड बताया. यह मेटेलिक क्लिप जैसी डिवाइस का नाम Temple है.

Goyal has maintained that the Temple device is experimental and part of ongoing personal research.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:44 AM IST

जब जोमैटो के दीपेंद्र गोयल एक यूट्यूबर की पॉडकास्ट में नजर आए, तो उनकी बातों से ज्यादा लोगों की निगाह उनके चेहरे पर टिके एक छोटे से गैजेट पर ज्यादा गई. यह गैजेट कान के पास, कनपटी पर चिपका हुआ था. लेकिन लोगों को अंदाज़ा नहीं था कि आखिर वह क्या है. जैसे ही यह गैजेट के साथ फोटो सोशल मीडिया पर आई तो लोगों ने मीम बनाने शुरु कर दिए. किसी ने उसे च्यूइंग गम कहा, तो किसी ने एक्सटर्नल SSD या चार्जिंग पैड बता दिया.

इस गैजेट की जो असलियत है वह काफी ज्यादा दिलचस्प है. गोयल ने जो पहना था, वह कोई फैशन एक्सेसरी नहीं, बल्कि 'टेंपल' नाम का एक एक्सपेरिमेंटल वियरेबल डिवाइस है. इसका मकसद है कि दिमाग में ब्लड फ्लो को रियल टाइम में ट्रैक करना. मानना है कि दिमाग में ब्लड-फो न्यूरोलॉजिकल हेल्थ और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया का एक अहम सिगनल देता है.

सिर्फ दिखावा नहीं, खुद कर रहे हैं टेस्टिंग
यह कोई पॉडकास्ट स्टंट नहीं था. गोयल पिछले करीब एक साल से खुद इस डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं. उनके मुताबिक, टेंपल की कल्पना तब हुई जब वे और उनकी टीम उम्र बढ़ने और शरीर पर उसके असर से जुड़ी एक रिसर्च पर काम कर रहे थे. इस रिसर्च में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि लंबे समय में ग्रेविटी हमारे शरीर, खासकर दिमाग तक खून पहुंचने की प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करता है.

रिसर्च और जोमैटो में कोई लिंक नहीं
टेंपल डिवाइस, गोयल की पर्सनल रिसर्च पहल से जुड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने इस रिसर्च में करीब 25 मिलियन डॉलर (लगभग 225 करोड़ रुपये) अपनी निजी पूंजी से लगाए हैं. यह साफ कर दिया गया है कि यह जोमैटो का प्रोडक्ट नहीं है और न ही फिलहाल किसी कमर्शियल लॉन्च की योजना है.

विशेषज्ञों का कहना है कि दिमागी सेहत पर नजर रखने वाले वियरेबल सेंसर्स पर दुनिया भर में रिसर्च चल रही है, लेकिन ऐसे डिवाइस आमतौर पर लैब या सीमित ट्रायल तक ही सीमित रहते हैं. किसी बिजनेस लीडर को इसे रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करते देखना ही लोगों के लिए हैरानी की वजह बना.

फिलहाल ‘गैजेट’ नहीं, एक चर्चा का विषय
अभी के लिए टेंपल किसी कंज्यूमर हेल्थ डिवाइस से ज्यादा एक रिसर्च टूल और बातचीत की शुरुआत है. लेकिन राज शमामी के इस पॉडकास्ट में इसकी एक झलक ने यह जरूर तय कर दिया है कि ब्रेन हेल्थ वियरेबल्स अब मेनस्ट्रीम चर्चा में आ चुके हैं. आने वाले वक्त में यह टेक्नोलॉजी कहां तक पहुंचेगी यह तो भविष्य बताएगा, लेकिन फिलहाल गोयल का यह छोटा सा डिवाइस बड़ी बहस छेड़ चुका है.

 

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