गुड न्यूज! गंगा एक्सप्रेसवे पर फिलहाल फ्री सफर, टोल वसूली शुरू होने में लगेगा वक्त

गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए गुड न्यूज है. फिलहाल एक्सप्रेसवे पर सफर के लिए कोई टोल नहीं देना पड़ेगा. हालांकि टोल की दरें तय कर दी गई हैं. लेकिन अभी टोल वसूली शुरू होने में 15 दिन का समय लग सकता है. इसलिए अगर गंगा एक्सप्रेसवे पर फ्री में सफर की लुत्फ उठाना चाहते हैं तो जल्द से जल्द प्लान बना लें.

Ganga Expressway
आशीष श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST

गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए गुड न्यूज है. फिलहाल गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां बिना टोल के दौड़ेंगी. टोल दरें तय कर दी गई हैं, लेकिन वसूली शुरू होने में अभी करीब 15 दिन का समय लग सकता है. 15 दिन बाद टोल शुरू किया जाएगा. जिसको लेकर यूपीडा ने इसके लिए निर्देशित किया है. एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है.

गंगा एक्सप्रेसवे पर फिलहाल फ्री सफर-
जुपिटर की चीफ इंजीनियर राज चौधरी के मुताबिक यूपीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा 30 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि स्वतंत्र अभियंता के 28 अप्रैल 2026 को प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किए जाने के बाद टोल वसूली शुरू की जा सकती थी, लेकिन सार्वजनिक हित में इसे 15 दिन के लिए टाल दिया गया है. ऐसे लोगों को एक्सप्रेसवे के बारे में पूरी तरीके से पता भी चल जाएगा.

टोल की दरें तय-
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दोपहिया, तिपहिया और पंजीकृत ट्रैक्टरों पर 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर टोल तय किया गया है. वहीं कार, जीप, वैन और हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क देना होगा. हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह दर 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर रखी गई है.

मिनी बस, बस और ट्रकों के लिए 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर टोल तय किया गया है. भारी निर्माण मशीनरी और मिट्टी हटाने वाले वाहनों के लिए 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क देना होगा. जबकि सात या उससे अधिक एक्सल वाले बड़े बहुएक्सल वाहनों पर 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लगाया जाएगा.

हर मौसम में सेफ रहेगा सफर-
594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को हर मौसम के अनुकूल बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. सड़क पर 100 मिलीमीटर मोटी डामर परत बिछाई गई है, जो भीषण गर्मी और अत्यधिक बारिश में भी सड़क को सुरक्षित रखेगी. इसके निर्माण में लाखों टन डामर, स्टील, सीमेंट और रेत का उपयोग किया गया है.

CBR तकनीक का इस्तेमाल-
यूपीडा अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे की मजबूती के लिए कैलिफोर्निया बेयरिंग रेशियो यानी सीबीआर तकनीक अपनाई गई है, जिसकी वैल्यू 8 रखी गई है. मुख्य कैरिजवे की कुल मोटाई 485 से 500 मिलीमीटर तक है, जिससे यह सड़क भारी ट्रैफिक का दबाव आसानी से झेल सकेगी. इसकी भार क्षमता 79 से 108 मिलियन स्टैंडर्ड एक्सल तक मापी गई है.

यात्रा को और सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक स्विस सेंसर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. दावा है कि यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा समय घटाएगा, बल्कि प्रदेश में उद्योग, पर्यटन और रोजगार को भी नई रफ्तार देगा.

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