3 घंटे की दूरी 40 मिनट में! नहीं चलेंगे दोपहिया वाहन, जान लीजिए क्यों खास है लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे

63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. इस एक्सप्रेसवे से दोनों महानगरों की दूरी 3 घंटे की बजाय सिर्फ 40 मिनट में तय होगी.

Lucknow Kanpur Expressway
सूरज सिंह
  • लखनऊ,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

उत्तर प्रदेश के 2 महानगरों के बीच का सफर अब 3 घंटे की जगह 40 मिनट में तय हो सकेगा. लखनऊ और कानपुर के बीच सफर का समय कम हो जाएगा. इसके लिए यूपी सरकार ने एक नए एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आज करने जा रही हैं. 63 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 4200 करोड़ रुपए खर्च किया गया है.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन-
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  करेंगे. इसका उद्घाटन नेवरना पड़रिखुर्द में किया जाएगा. इसके बाद यह एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे की ट्रायल टेस्ट के लिए तीनों नेता खुद कार द्वारा उन्नाव से लखनऊ सरोजनी नगर तक सफर करेंगे. 

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम-
इस एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक्सप्रेसवे पर 63 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो 500 मीटर तक स्पष्ट निगरानी कर सकते हैं. 21 कैमरे इंटरचेंज पर वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और नियम उल्लंघन होने पर ऑनलाइन चालान किया जाएगा. बिना रुके गाड़ियों के नंबर लेट को डिटेक्ट कर उससे टोल लिया जाएगा. 

नहीं चलेंगे दोपहिया वाहन-
जानकारी के अनुसार दोपहिया वाहन इस मार्ग पर नहीं चल सकेंगे. वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है. केवल कार, वैन और अन्य चारपहिया वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी. 2 कंट्रोल रूम से होगी 24 घंटे एक्सप्रेसवे पर निगरानी की जायेगी 27वें और 35वें किलोमीटर पर दो आधुनिक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. यहीं से पूरे एक्सप्रेसवे की निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं का संचालन होगा. साथ ही एक्सप्रेसवे पर 6 इंटरचेंज बनाए गए हैं. जिनके जरिए विभिन्न स्थानों से प्रवेश और निकास मिलेगा. इसके अलावा 38 अंडरपास, छह फ्लाईओवर, तीन बड़े पुल और 28 छोटे पुल बनाए गए हैं.

डिफेंस कॉरिडोर के प्रमुख रूप केंद्र के रूप मे विकसित कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे होने से रक्षा उद्योग का विकास होगा. इस एक्सप्रेसवे को कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे एनई 6, अवध एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर एक्सप्रेसवे इन नाम से भी जाना जाएगा.

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