राहत की खबर! वैज्ञानिकों ने तैयार की इबोला वायरल की वैक्सीन, नए स्ट्रेन पर करेगी असर

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैक्सीन Bundibugyo नाम के दुर्लभ इबोला स्ट्रेन पर भी असरदार हो सकती है, जो हाल के दिनों में कांगो में फैल रहे संक्रमण से जुड़ा है.

scientists develop new vaccine against Ebola virus
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST
  • नए स्ट्रेन पर असरदार हो सकती है नई वैक्सीन
  • वैज्ञानिकों ने बनाई नई वैक्सीन

इबोला वायरस को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है. इस बीच रूस ने दावा किया है कि उसके वैज्ञानिकों ने इबोला वायरस के नए स्ट्रेन के खिलाफ वैक्सीन तैयार कर ली है. दक्षिण अफ्रीका में मौजूद रूसी दूतावास के मुताबिक, रूस के स्वास्थ्य मंत्री Mikhail Murashko ने इसकी जानकारी दी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैक्सीन Bundibugyo नाम के दुर्लभ इबोला स्ट्रेन पर भी असर कर सकती है. यही स्ट्रेन हाल में कांगो में फैले संक्रमण से जुड़ा बताया जा रहा है.

WHO ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी
इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस महीने की 17 तारीख को कांगो और युगांडा में फैले संक्रमण को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया. WHO ने सभी देशों को सतर्क रहने और प्रभावित इलाकों से आने वाले यात्रियों की जांच बढ़ाने की सलाह दी है. WHO ने यह भी कहा है कि जिन इलाकों में Bundibugyo वायरस मिला है, वहां यात्रा करने से बचना चाहिए. दक्षिण सूडान जैसे पड़ोसी देशों में भी संक्रमण फैलने का खतरा बताया गया है.

भारत में भी बढ़ाई गई निगरानी
WHO की चेतावनी के बाद भारत में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत युगांडा और कांगो से आने वाली फ्लाइट्स में यात्रियों को सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना जरूरी होगा. एयरलाइंस को यात्रियों की जानकारी इकट्ठा कर स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जांच और निगरानी की जा सके.

इससे पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने भी बताया था कि इबोला को लेकर नई वैक्सीन अगले दो से तीन महीनों में क्लिनिकल ट्रायल के लिए तैयार हो सकती है. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि वैक्सीन पूरी तरह असरदार साबित होगी या नहीं, क्योंकि इसके लिए पहले जानवरों और इंसानों पर परीक्षण किए जाएंगे.

क्या है Bundibugyo स्ट्रेन?
इबोला वायरस के कई प्रकार होते हैं. Bundibugyo स्ट्रेन को दुर्लभ लेकिन खतरनाक माना जाता है. अभी तक इस स्ट्रेन के लिए कोई आधिकारिक वैक्सीन या खास इलाज उपलब्ध नहीं है. इसलिए रूस के इस दावे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

क्या है इबोला वायरस और कैसे फैलता है?
इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है. यह संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार या शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है. संक्रमित जानवरों से भी यह वायरस इंसानों तक पहुंच सकता है.

इबोला के मुख्य लक्षण
तेज बुखार
कमजोरी और थकान
सिरदर्द
उल्टी और दस्त
मांसपेशियों में दर्द
गंभीर हालत में शरीर से ब्लीडिंग

 

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