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ईरान-इज़राइल में कितनी है भारतीयों की संख्या, कितना होता है दोनों देशों से इंडिया का ट्रेड?

भारतीय विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों ने दोनों देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है.

Israel-Iran War
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:20 PM IST

इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य टकराव को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. इज़राइल तेहरान में हुए धमाकों और दोनों देशों की सेनाओं के बीच बढ़ते टकराव के खतरे ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है. इज़राइल इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है. इज़राइल मौजूदा सुरक्षा स्थिति को गंभीर मानते हुए नागरिकों को हर समय सतर्क रहने और अनावश्यक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

ईरान में भारतीयों के लिए सख्त सलाह
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीयों, चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री, कारोबारी या पर्यटक, से अपील की है कि वे उपलब्ध किसी भी सुरक्षित माध्यम से जल्द से जल्द देश छोड़ दें. साथ ही पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखने के निर्देश दिए गए हैं. भीड़भाड़ वाले इलाकों और किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है. अनुमान है कि ईरान में इस समय 4,000 से 10,000 के बीच भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें मेडिकल के छात्र, व्यापारी और धार्मिक यात्राओं पर गए लोग बड़ी संख्या में शामिल हैं.

भारत-ईरान व्यापारिक रिश्तों की अहमियत
भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं. भारत से ईरान को भेजे जाने वाले प्रमुख उत्पादों में बासमती चावल सबसे आगे है. इसके अलावा चाय, चीनी, ताजे फल, दवाइयां, इंजीनियरिंग सामान, मशीनरी और रसायनों का भी बड़ा निर्यात होता है. भारत, ईरान की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वहीं, भारत ईरान से पेट्रोकेमिकल उत्पाद, उर्वरक और रसायनों का आयात करता है. एक समय ऐसा भी था जब भारत, ईरान से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता था.

इज़राइल में भारतीय समुदाय की मौजूदगी
इज़राइल में भी भारतीयों की बड़ी संख्या निवास करती है. अनुमान के मुताबिक, वहां 20,000 से 30,000 भारतीय नागरिक कार्यरत हैं. इनमें देखभाल सेवाओं से जुड़े कर्मचारी, कृषि क्षेत्र के श्रमिक, आईटी पेशेवर और छात्र शामिल हैं. इसके अतिरिक्त करीब 85,000 भारतीय मूल के लोग भी इज़राइल में बसे हुए हैं, जो वर्षों से वहां रह रहे हैं.

भारत-इज़राइल व्यापार में नई संभावनाएं
भारत और इज़राइल के बीच 2024 में व्यापार में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है. फिलहाल भारत, इज़राइल को सेमी-कीमती पत्थर, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, मोती, कीमती पत्थर, मोटर वाहन डीजल, मशीनरी, रेडीमेड वस्त्र और कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर निर्यात करता है. दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी आने वाले समय में और गहरी होने की संभावना है.

 

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