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MQ-9, Su-27: रूसी जेट ने काला सागर में गिराया अमेरिकी ड्रोन, जानिए ये दोनों क्यों हैं खास

रूस फाइटर जेट्स ने मंगलवार को ब्लैक सी में अमेरिकी ड्रोन MQ-9 रीपर को मार गिराया है. अमेरिका का दावा है कि यह घटना तब हुई जब रूसी जेट और अमेरिकी ड्रोन ब्लैक सी के ऊपर इंटरनेशनल एयरस्पेस में चक्कर लगा रहे थे.

MQ9 ड्रोन
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 15 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST
  • दोनों देशों के बीच जुबानी जंग
  • ड्रोन खोजने की कोशिश कर रहा है अमेरिका

अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि रूस फाइटर जेट्स ने मंगलवार को ब्लैक सी में उसके ड्रोन MQ-9 रीपर को मार गिराया है. अमेरिका का दावा है कि ये घटना तब हुई जब रूसी जेट और अमेरिकी ड्रोन ब्लैक सी के ऊपर इंटननेशनल एयरस्पेस में चक्कर लगा रहे थे. दो रशियन Su-27 फाइटर जेट्स ने अमेरिकी ड्रोन को पहले 40 मिनट तक घेरा फिर ऊपर से फ्यूल गिराया, जिससे ड्रोन के प्रोपैलर को नुकसान पहुंचा. इसके बाद ड्रोन को तबाह कर ब्लैक सी में गिरा दिया.

दोनों देशों के बीच जुबानी जंग
पेंटागन का कहना है कि रूस ने ड्रोन बरामद नहीं किया है और जेट के क्षतिग्रस्त होने की संभावना है. वहीं रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस बात से इनकार किया कि उसका विमान मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) के संपर्क में आया था, जिसके बारे में उसने कहा था कि यह "तेज चालबाजी" के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. इसने कहा कि ड्रोन को क्रीमिया प्रायद्वीप के पास देखा गया था, जिसे मास्को ने 2014 में यूक्रेन से कब्जा कर लिया था. US एयरफोर्स के जनरल जेम्स हैकर ने रूस की हरकत को बेहद गैरजिम्मेदार और भड़काऊ बताया है.

कहां है ब्लैक सी?
ब्लैक सी यूरोप और एशिया के बीच स्थित है. ये उत्तर दिशा में यूक्रेन, उत्तरपश्चिम में  रूस, पूर्व में जॉर्जिया, दक्षिण में तुर्किये और पश्चिम में बुल्गारिया और रोमानिया से घिरा है. रूस- यूक्रेन युद्ध के चलते ब्लैक सी में पिछले कई महीनों से तनाव बना हुआ है. यहां पर रूसी और अमेरिकी विमान अक्सर उड़ान भरते रहते हैं, लेकिन यह पहली बार हुआ है जब दोनों विमान आमने-सामने आ गए.

ड्रोन खोजने की कोशिश कर रहा है अमेरिका
अमेरिकी सैन्या अधिकारियों ने कहा कि अमआर्म्ड रीपर ड्रोन रूटीन गश्त पर था. क्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप से करीब 128 किमी दक्षिण-पश्चिम में दो रूसी Su-27 फाइटर जेट्स करीब 40 मिनट तक अमेरिकी रीपर ड्रोन के आसपास उड़ान भर रहे थे. इसके बाद ये लड़ाकू इसके ऊपर उड़ने लगा और ड्रोन को नीचे लाने की जानबूझकर कोशिश की. पेंटागन ने कहा कि यूक्रेन जंग के बाद से रूस और अमेरिकी सेनाओं के बीच यह पहला फिजिकल संपर्क हुआ है.

क्या है MQ9 ड्रोन की खासियत?
MQ-9A उड़ान-प्रमाणित और सिद्ध हनीवेल TPE331-10 टर्बोप्रॉप इंजन द्वारा संचालित है, जो डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल (DEEC) के साथ एकीकृत है, जो विशेष रूप से कम ऊंचाई पर इंजन के प्रदर्शन और ईंधन दक्षता में काफी सुधार करता है. MQ-9A में 27 घंटे से अधिक की सहनशक्ति है, 240 KTAS की गति है, यह 50,000 फीट तक काम कर सकता है, और इसमें 3,850 पाउंड (1746 किलोग्राम) पेलोड क्षमता है जिसमें 3,000 पाउंड (1361 किलोग्राम) बाहरी स्टोर शामिल हैं. विमान 500% अधिक पेलोड वहन करता है और नौ गुना अश्वशक्ति रखता है. यह युद्ध सेनानी के लिए एक लंबी सहनशक्ति, लगातार निगरानी/हड़ताल क्षमता प्रदान करता है.

रूसी विमान Su-27 के बारे में क्या जानते हैं आप
सुखोई Su-27 को 1985 की शुरुआत में सोवियत संघ की वायु सेना में पेश किया गया था और इसे फ्लेंकर के नाम से भी जाना जाता है. Su-27 ध्वनि की गति से दोगुनी से अधिक गति से उड़ान भरने में सक्षम है और इसकी उड़ान सीमा भी 1,800 मील है. Su-27 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और कई अन्य गोला-बारूद से लैस है.

 

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