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स्पेन की टोमैटो फाइट! 80 साल पूरे हुए ‘La Tomatina’ फेस्टिवल के, जानिए कैसे शुरू हुआ था ये ट्रेंड

स्पेन का यह फेस्टिवल इतना पॉपुलर हुआ कि इसकी नकल अमेरिका (फ्लोरिडा), ब्रिटेन (लंदन), नीदरलैंड (एम्सटर्डम), कोलंबिया और यहां तक कि भारत के हैदराबाद तक में की गई. लेकिन असली ‘Tomatina’ की पहचान आज भी सिर्फ बुनयोल से ही है.

Tomato Festival (Photo/GettyImages)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 12:57 PM IST

क्या आपने कभी सुना है कि हजारों लोग एक-दूसरे पर सिर्फ टमाटर बरसाते हैं और पूरा शहर टमाटर की चटनी जैसा दिखने लगता है? जी हां, यह कोई मजाक नहीं बल्कि दुनिया का सबसे मशहूर ‘La Tomatina Festival’ है, जो इस साल 80 साल का हो गया है.

स्पेन के छोटे-से कस्बे बुनयोल (Buñol), जिसकी आबादी सिर्फ 9,000 है, में हर साल अगस्त के आखिरी बुधवार को यह अनोखा जश्न मनाया जाता है. लेकिन सोचिए, इस छोटे से कस्बे में अचानक 22,000 से ज्यादा लोग जुट जाते हैं सिर्फ टमाटर फेंकने के लिए!

120 टन टमाटरों से ‘लाल’ हो जाएगा शहर

इस साल भी फेस्टिवल के लिए 120 टन पके हुए टमाटर लाए गए हैं. ये टमाटर खास तौर पर इसी मौके के लिए उगाए जाते हैं. बुनयोल के डिप्टी मेयर सर्जियो गालार्ज़ा के मुताबिक, “अगर टमाटिना नहीं होती, तो ये टमाटर उगाए ही नहीं जाते.”

मतलब यह कि खाने वाले टमाटरों की बर्बादी नहीं होती, बल्कि खास किस्म के टमाटर सिर्फ इस टमाटर युद्ध के लिए तैयार किए जाते हैं.

टमाटर फेंकने का टिकट

स्थानीय लोग तो मुफ्त में शामिल होते हैं, लेकिन विदेशी पर्यटकों को 17.50 डॉलर यानी करीब 1,532 रुपये देने पड़ते हैं. इसके बावजूद दुनियाभर से हजारों लोग यहां पहुंचते हैं.

कैसे शुरू हुई ‘La Tomatina’?

कहानी 1945 की है. बुनयोल के कुछ बच्चों ने एक मेले के दौरान झगड़े में टमाटर फेंकना शुरू कर दिया. देखते ही देखते यह झगड़ा मजेदार खेल बन गया.

बाद में इसे परंपरा बना दिया गया. हालांकि 1950 के दशक में तानाशाह फ्रैंको ने इसे गैरकानूनी घोषित कर दिया था. लेकिन उनकी मौत के बाद यह फिर शुरू हुआ और 1980 के दशक में मीडिया कवरेज ने इसे ग्लोबल फेमस बना दिया.

2002 में इसे स्पेन का इंटरनेशनल टूरिस्ट अट्रैक्शन घोषित किया गया. बस 2020 और 2021 में कोरोना महामारी के कारण इसे रोका गया था.

नियम क्या हैं?

फेस्टिवल के दौरान कोई टीम या पॉइंट सिस्टम नहीं होता. बस एक नियम है:

  • टमाटर को फेंकने से पहले दबाकर नरम कर दें ताकि चोट न लगे.
  • कुछ भी और फेंकना मना है.
  • आंख और कान बचाने के लिए लोग गॉगल्स और ईयरप्लग्स पहनते हैं.
  • फेस्टिवल का समय सिर्फ 1 घंटे होता है. जैसे ही तोप दागी जाती है, हजारों टमाटर हवा में उड़ते हैं और पूरा शहर टमाटर के लाल गूदे से भर जाता है.

कैसा होता है अनुभव?

1999 में शामिल हुए आयरलैंड के एड्रियन कोलंब कहते हैं “जब यह चल रहा होता है, तो ब, टमाटरों की धुंध ही दिखाई देती है. यह पागलपन है, लेकिन मजेदार पागलपन.”

घंटे भर के बाद लोग थककर चूर हो जाते हैं. हाथ-पैर में दर्द और कपड़े हमेशा के लिए खराब हो जाते हैं. लेकिन दिल में जिंदगी भर का रोमांच भर जाता है.

टमाटर से गंदगी या सफाई?

फेस्टिवल खत्म होते ही लोग सार्वजनिक नलों और शावर से नहाते हैं. हैरानी की बात यह है कि टमाटर का साइट्रिक एसिड सड़कों को इतना साफ कर देता है कि कुछ घंटों में सड़कें पहले से ज्यादा चमकदार हो जाती हैं.

दुनिया भर में ‘La Tomatina’ की कॉपी

स्पेन का यह फेस्टिवल इतना पॉपुलर हुआ कि इसकी नकल अमेरिका (फ्लोरिडा), ब्रिटेन (लंदन), नीदरलैंड (एम्सटर्डम), कोलंबिया और यहां तक कि भारत के हैदराबाद तक में की गई. लेकिन असली ‘Tomatina’ की पहचान आज भी सिर्फ बुनयोल से ही है.

 

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