Brihaspati Grah
Brihaspati Grah
बृहस्पति को ग्रहों में गुरु कहा जाता है. बृहस्पति का प्रभाव यदि जीवन पर हो तो व्यक्ति बहुत ज्ञानी और गंभीर हो जाता है. शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि बृहस्पति आयु को, धर्म को और ज्ञान को प्रभावित करते हैं. इससे जीवन में व्यक्ति को मान-सम्मान मिलता है, प्रतिष्ठा मिलती है और दर्शन प्राप्त होता है. यदि बृहस्पति कमजोर है तो व्यक्ति के जीवन में ईश्वर की कृपा कम हो जाती है या नहीं होती है. व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में समस्या अवश्य आती है. यदि पत्नी है तो पति की तरफ से कष्ट होता है और यदि पति है तो पत्नी की तरफ से दुख होता है.
क्या है बृहस्पति का नौकरी से संबंध
बृहस्पति नौकरी के आय और व्यय को संतुलित रखता है. नौकरी हालांकि शनि से मिलती है लेकिन नौकरी की स्थिरता और उन्नति बृहस्पति से संबंध रखती है. यदि बृहस्पति कमजोर होगा तो कम वेतन की नौकरी करनी पड़ेगी या बार-बार नौकरी में मुश्किल आएगी.
उपाय: यदि बृहस्पति के कारण नौकरी में बाधा आ रही हो तो हर बृहस्पतिवार को केले की जड़ में जल डालें. बृहस्पतिवार को चने की दाल और केले का दान करें. ये उपाय नौ बृहस्पतिवार को करें
क्या है बृहस्पति का विवाह से संबंध
हर स्त्री का विवाह और वैवाहिक जीवन बृहस्पति से ही देखा जाता है. पुरुष की पत्नी कैसी होगी, इसका विचार बृहस्पति से किया जाता है. बृहस्पति का संबंध सप्तम भाव से हो तो विवाह होना बड़ा ही मुश्किल होता है. यदि बृहस्पति कमजोर हो तो स्त्री का विवाह और वैवाहिक जीवन बाधा देता है. कमजोर बृहस्पति पुरुष को ऐसी पत्नी दे देता है, जो समस्या का कारण बनती है.
उपाय: स्त्री को 11 बृहस्पतिवार का उपवास रखना चाहिए. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए. पुरुष को एक सोने का छल्ला धारण करना चाहिए तथा नित्य प्रातः और सायं शिव जी की उपासना करनी चाहिए.
क्या है बृहस्पति का धन और आर्थिक स्थिति से संबंध
कुंडली में धन की प्राप्ति और आर्थिक स्थिरता बृहस्पति से ही आती है. यदि बृहस्पति मजबूत हो तो व्यक्ति को धन का कभी अभाव नहीं होता. यदि कमजोर हो तो लाख धन आता रहे, धन की कमी रहती ही है. कमजोर बृहस्पति कभी-कभी घोर दरिद्रता भी देता है.
उपाय: जल में केसर डालकर स्नान करें. नित्य प्रातः सूर्य को हल्दी मिलाकर जल अर्पित करें. सोने या पीतल का चौकोर टुकड़ा पीले धागे में बृहस्पतिवार को गले में धारण करें.
क्या है बृहस्पति की सबसे गंभीर और खतरनाक बात
किसी भी बीमारी को बड़ा और खतरनाक बना देना बृहस्पति का ही काम है. लिवर और पेट की गंभीर समस्या भी बृहस्पति ही देता है. चरित्र दोष तथा सामाजिक अपमान भी बृहस्पति के कारण ही मिलता है.
उपाय: पांच मुखी रुद्राक्ष की माला धारण करें. नित्य प्रातः गायत्री मंत्र का जाप करें. भोजन में पीली वस्तु जरूर खाएं.
बृहस्पति को मजबूत करने के लिए करें ये भी उपाय
1. यदि बृहस्पति को अनुकूल करना चाहते हैं तो सिर्फ सात्विक आहार ग्रहण करिए.
2. मांस-मदिरा का प्रयोग करना बंद कर दीजिए.
3. भोजन करने से पहले हाथ जोड़ करके प्रार्थना करिए. भगवान की कृपा के लिए आभार व्यक्त करिए.
4. भोजन में बेसन जरूर खाएं और भोजन के साथ या भोजन के बाद थोड़ा सा मीठा भी खाएं.
5. पीले फल का और केसर का प्रयोग करें.
6. भोजन करने के पहले प्रभु को भोजन का भोग लगाएं और इसके बाद भोजन ग्रहण करें.
7. आप अपने व्यवहार में बदलाव ला करके भी बृहस्पति को ठीक कर सकते हैं. अपने व्यवहार में गंभीरता लाने का प्रयास करें.