Hair In Meal
Hair In Meal
हमारे दैनिक जीवन में कई छोटी-छोटी घटनाएं घटती रहती हैं, जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं. लेकिन भारतीय परंपरा और शास्त्रों के अनुसार, ऐसी कई घटनाएं हमें संकेत देती हैं. इन्हीं में से एक है भोजन में बाल का मिल जाना. यह स्थिति किसी के साथ भी कभी-कभार हो सकती है, इसलिए कुछ लोग इसे मामूली बात मानकर बाल निकालकर भोजन कर लेते हैं, जबकि कुछ लोग इसे अशुभ संकेत मानते हुए पूरा भोजन ही त्याग देते हैं. लेकिन आखिर शास्त्र इसको लेकर क्या कहते हैं, चलिए जानते है.
क्या संकेत देती है यह घटना?
सामान्य परिस्थितियों में भोजन में बाल का गिर जाना एक साधारण मानवीय भूल हो सकती है. बाल धोते समय, कंघी करते समय या रसोई में काम करते हुए बाल अनजाने में भोजन में गिर सकते हैं. यदि ऐसा एक-दो बार हो जाए तो इसे सामान्य घटना माना जा सकता है.
लेकिन यदि यह घटना बार-बार होने लगे, तो शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार इसे अशुभ संकेत माना गया है. कहा जाता है कि ऐसे भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए जिसमें बाल मिल जाए. मान्यता है कि बार-बार भोजन में बाल मिलना किसी नकारात्मक ऊर्जा या असंतुलन की ओर संकेत करता है.
पितृ दोष से जुड़ा हो सकता है संकेत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि भोजन में बार-बार बाल मिल रहे हों, तो यह पितृ दोष का संकेत भी हो सकता है. विशेष रूप से यदि यह घटना पितृपक्ष के दौरान घटे, तो इसे पूर्वजों की नाराजगी का संकेत माना जाता है. ऐसी स्थिति में योग्य ज्योतिषाचार्य या पंडित से परामर्श लेकर उचित उपाय करने की सलाह दी जाती है, ताकि पितरों को प्रसन्न किया जा सके और दोष का निवारण हो सके.
स्वास्थ्य के लिहाज से भी है सावधानी जरूरी
यह विषय केवल आध्यात्मिक मान्यता तक सीमित नहीं है. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी भोजन में बाल मिलना ठीक नहीं माना जाता. बालों में धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं. यदि ये भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाएं, तो संक्रमण या अन्य रोगों का खतरा बढ़ सकता है. डॉक्टरों का भी मानना है कि स्वच्छता के नियमों का पालन करते हुए ऐसे भोजन से परहेज करना ही बेहतर है.
क्या करें ऐसी स्थिति में?
यदि कभी-कभार भोजन में बाल मिल जाए तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसे गंभीरता से लेते हुए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए. रसोई में काम करते समय बाल बांधकर रखना, साफ-सफाई बनाए रखना और भोजन को ढककर रखना आवश्यक है. वहीं यदि यह घटना लगातार हो रही हो, तो आध्यात्मिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टियों से कारण जानने का प्रयास करना चाहिए.