scorecardresearch

इमरजेंसी में आप NPS से कितनी रकम निकाल सकते हैं? क्या हैं निकासी के नियम.. जानें सबकुछ

आमतौर पर लोगों को लगता है कि एनपीएस से पैसा केवल रिटायरमेंट पर ही मिलता है. इसलिए वे आपात स्थिति में पीएफ से पैसे निकालते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है आप आपात स्थिति में एनपीएस 25 फीसद रकम निकाल सकते हैं, इसके लिए कुछ दस्तावेज़ भी जमा करने होंगे.

Rules To Withdraw Amount From NPS Rules To Withdraw Amount From NPS

अधिकांश लोग नेशनल पेंशन सिस्टम को केवल रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं. यह सच भी है कि एनपीएस का मुख्य उद्देश्य बुढ़ापे में नियमित आय सुनिश्चित करना है. लेकिन बहुत कम लोगों को यह जानकारी होती है कि खास परिस्थितियों में एनपीएस खाते से इमरजेंसी के समय आंशिक निकासी की जा सकती है. सही नियमों की जानकारी होने पर यह स्कीम मुश्किल समय में भी आर्थिक राहत दे सकती है.

एनपीएस से इमरजेंसी में पैसा निकालने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि आपका खाता कम से कम 3 साल पुराना होना चाहिए. यानी यदि आपने तीन साल से कम समय पहले एनपीएस में निवेश शुरू किया है, तो किसी भी परिस्थिति में आंशिक निकासी की अनुमति नहीं मिलेगी. लगातार और नियमित योगदान के तीन साल पूरे करना जरूरी है.

किन जरूरतों में मिलती है निकासी की अनुमति
एनपीएस से पैसा किसी भी कारण से नहीं निकाला जा सकता. इसके लिए कुछ खास स्थितियां निर्धारित की गई हैं. इनमें सबसे अहम है गंभीर बीमारी का इलाज, चाहे वह खुद की हो, जीवनसाथी की, बच्चों की या माता-पिता की. इसके अलावा बच्चों की उच्च शिक्षा, बच्चे की शादी, घर खरीदने या बनवाने के लिए भी निकासी की अनुमति होती है.

इमरजेंसी में कितनी राशि निकाल सकते हैं?
एनपीएस से आंशिक निकासी की राशि पर भी एक सीमा तय है. नियमों के अनुसार, निवेशक अपने स्वयं के कुल योगदान का अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही निकाल सकता है. यहां सिर्फ वही पैसा निकाला जा सकता है जो आपने खुद एनपीएस खाते में डाला गया है. एनपीएस की आंशिक निकासी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है.

पैसा निकालने के लिए आवेदन प्रक्रिया
अगर आपको इमरजेंसी में एनपीएस से पैसे निकालने की जरूरत पड़ती है, तो इसके लिए आप अपने संबंधित पीओपी, नोडल ऑफिस या आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन के साथ खर्च से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होता है, जैसे मेडिकल खर्च के लिए अस्पताल के बिल और रिपोर्ट, पढ़ाई के लिए एडमिशन लेटर और फीस स्ट्रक्चर, घर खरीदने के लिए एग्रीमेंट या अलॉटमेंट लेटर. दस्तावेज सही पाए जाने पर ही निकासी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है. नियमों के अनुसार, कोई भी निवेशक अपने पूरे एनपीएस निवेश काल में अधिकतम 3 बार ही आंशिक निकासी कर सकता है.