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How To Manage Bonus: मिला है कंपनी से बोनस, तो न बांधे नए फोन-टीवी की EMI... ऐसे करें पैसे को मैनेज, बनेंगे Financially Strong

अक्सर लोगों के साथ होता है कि वह कंपनी से मिलने वाले बोनस को बेवजह के खर्च में बर्बाद कर देते हैं. जबकि अगर इस पैसे को ठीक से मैनेज किया जाए तो वह आर्थिक रूप से खुद को मजबूत कर सकते हैं. जानें कैसे आप इस पैसे से खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत कर सकते हैं...

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सालभर मेहनत करने के बाद जब किसी कर्मचारी को बोनस मिलता है, तो सबसे पहले मन घूमने, नया फोन खरीदने या कोई बड़ी खरीदारी करने का करता है. ऐसा करना गलत नहीं है, लेकिन पूरा बोनस एक साथ खर्च कर देने से बाद में पछतावा हो सकता है. बोनस का सही इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है. सही फैसले लिए जाए तो यही पैसा फ्यूचर में आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकता है.

महंगे और बड़े कर्ज पर डालें नजर

अगर आपके ऊपर क्रेडिट कार्ड का बकाया या पर्सनल लोन जैसा ज्यादा ब्याज वाला कर्ज है, तो बोनस का पहला हिस्सा उसे चुकाने में लगाना चाहिए. ऐसे कर्ज पर हर महीने भारी ब्याज देना पड़ता है. कर्ज कम होने से आपकी बचत भी बढ़ेगी और हर महीने का खर्च भी हल्का हो जाएगा. कई बार कर्ज चुकाना निवेश करने से भी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है.

बोनस से तैयार करें इमरजेंसी फंड

अगर आपके पास कोई बड़ा कर्ज नहीं है, तो अगला कदम इमरजेंसी फंड तैयार करना होना चाहिए. नौकरी जाने, बीमारी या किसी अचानक आने वाले खर्च के समय यही पैसा सबसे ज्यादा काम आता है. कोशिश करें कि आपके पास कम से कम 3 से 6 महीने के जरूरी खर्च के बराबर रकम अलग रखी हो. इससे मुश्किल समय में लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

निवेश है एक बेहतरीन ऑप्शन

जब कर्ज और इमरजेंसी फंड की जरूरत पूरी हो जाए, तब बोनस का बचा हुआ हिस्सा निवेश किया जा सकता है. निवेश हमेशा हिसाब से करें. अगर पैसा कई साल बाद चाहिए तो लॉन्ग टर्म निवेश बेहतर हो सकता है. निवेश करते समय जोखिम, समय और जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है.

ईएमआई पर बोनस लुटाना पड़ सकता है भारी

बोनस मिलने के बाद कई लोग बिना सोचे-समझे महंगी खरीदारी कर लेते हैं. कुछ लोग नई ईएमआई भी शुरू कर देते हैं. याद रखें कि बोनस हर महीने मिलने वाली इनकम नहीं है. इसलिए इसके भरोसे खर्च बढ़ाना सही फैसला नहीं माना जाता. बड़े फैसले लेने से पहले कुछ दिन रुककर सोचें और फिर कुछ प्लान करें.

हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अलग होती है. इसलिए बोनस का सबसे अच्छा उपयोग भी अलग हो सकता है. लेकिन समझदारी वाला तरीका यही माना जाता है कि पहले महंगे कर्ज चुकाएं, फिर इमरजेंसी फंड मजबूत करें, उसके बाद निवेश करें और आखिर में थोड़ा पैसा अपनी खुशी के लिए रखें.