scorecardresearch

Stock Market: सेंसेक्स में 1065 और निफ्टी में 353 अंकों की गिरावट, क्या है इसकी वजह, जानें

भारतीय शेयर मार्केट में गिरावट का सिलसिला 20 जनवरी को भी जारी रहा. मंगलवार को सेंसेक्स में 1065.78 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. जबकि निफ्टी 353 अंक गिरा. BSE मिडकैप इंडेक्स 2.52% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.74% लुढ़क गया.

Advertisement
Share Market Today Share Market Today

शेयर मार्केट में भारी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स में 1065.78 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. जबकि निफ्टी 353 अंक गिरा. सेंसेक्स 82180.47 के लेवल और निफ्टी 25232.50 के लेवल पर बंद हुआ. सबसे ज्यादा मार मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स पर पड़ी. दोनों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई.

2 दिन में डूबे 12 लाख करोड़-
शेयर मार्केट में सोमवार के बाद मंगलवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई. दो दिनों में शेयर मार्केट में निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपए डूब गए. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटल शुक्रवार को 468 लाख करोड़ रुपए थी. जबकि आज गिरकर 458 लाख करोड़ रुपए हो गई.

शेयर मार्केट में गिरावट की वजह-
शेयर मार्केट में दो दिनों ममें इतनी बड़ी गिरावट की वजह को लेकर चर्चा हो रही है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की 8 यूरोपीय देशों र 10 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी है. जिसका असर शेयर मार्केट में अस्थिरता के तौर पर देखा जा रहा है. चलिए आपको विस्तार से गिरावट के कारणों के बारे में बताते हैं.

ट्रेड वॉर की आशंका-
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किया है. उनके इस रुख को लेकर दुनियाभर में हलचल मची है. ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने यूरोपीयों देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी है. ट्रंप की धमकी के खिलाफ यूरोपीय देश भी  जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं. इसकी वजह से ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ने लगा है. इसकी वजह से शेयर मार्केट में उथल-पुथल मची है.

विदेशी निवेशकों की बिकवाली-
विदेशी संस्थागत निवेशकों भारतीय मार्केट से अपना पैसा लगातार निकाल रहे हैं. सिर्फ शुक्रवार को विदेश निवेशकों ने 4346.13 करोड़ रुपए निकाले. जबकि जनवरी में अब तक 29 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली हो चुकी है. कमजोर रुपए और हाई वैल्यूएशन की वजह से विदेश निवेशक भारतीय शेयर मार्केट छोड़ रहे हैं.

मौजूदा तिमाही का असर-
घरेलू मोर्चे पर स्थितियां बहुत अच्छी नहीं हैं. दिसंबर तिमाही के नतीजों मिले-जुले रहे हैं. इसका असर भी शेयर मार्केट पर पड़ा है. नए लेबल कोड की वजह से कंपनियों के फायदे पर असर पड़ा है. जिसकी वजह से निवेशकों को कोई बड़ा पॉजिटिव संकेत नहीं मिल रहा.

ग्लोबल मार्केट में गिरावट-
एशियाई बाजारों में मिला-जुला असर दिखा. साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स हरे निशान में रहा. लेकिन जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्ट में भी गिरावट देखी गई. अमेरिका में वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स एक फीसदी से ज्यादा टूटता दिखाई दिया.

ये भी पढ़ें: