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Inspiring: 21 साल के स्कूल ड्रॉपआउट ने बदली लाइटिंग इंडस्ट्री की तस्वीर, बंद कमरे में भी ले सकेंगे नेचुरल लाइट का फायदा

2024 में, इशत जैन ने दिल्ली में स्थित एक इनोवेटिव इंटीरियर स्टार्टअप SUNROOOF लॉन्च किया. यह स्टार्टअप टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डिजाइन का इस्तेमाल करके हर छत को आसमान में बदल देता है.

Ishat Jain founded SUNROOF (Photo: Website/sunroof) Ishat Jain founded SUNROOF (Photo: Website/sunroof)

एक तरफ जहां माता-पिता अपने बच्चों को बड़े से बड़े स्कूल- कॉलेज में भेजकर अच्छी से अच्छी डिग्री हासिल करने पर जोर देते हैं तो वहीं कुछ ऐसे माता-पिता है जिनके लिए बच्चों की प्रैक्टिकल नॉलेज जरूरी है न कि स्कूल-कॉलेज की डिग्री. और दिल्ली के इशत जैन इस बात को साबित कर रहे हैं कि सफलता के लिए डिग्री की जरूरत नहीं. जी हां, इशत ने 8वीं कक्षा के बाद औपचारिक शिक्षा छोड़ दी थी लेकिन आज वह एक उद्यमी है. 

माता-पिता ने दी अलग शिक्षा 
इशात के माता-पिता दिल्ली में मैगपाई नामक एक लक्जरी मॉड्यूलर किचन इंटीरियर व्यवसाय चलाते हैं. रणबीर कपूर, महेंद्र सिंह धोनी, सुनील भारती मित्तल और अन्य हस्तियां मैगपाई ग्राहकों की सूची में शामिल हैं. वे अपने बच्चों को किताबों से परे दुनियादारी और प्रैक्टिकल नॉलेज देना चाहते थे. उन्हें स्कूली पढ़ाई से कोई खास सरोकार नहीं है. यहां तक ​​कि इशत की बड़ी बहन ने भी 11वीं कक्षा के दौरान औपचारिक शिक्षा छोड़ने का फैसला किया. वह अब भारत की लीडिंग हेल्थ एजूकेटर हैं, जिनके यूट्यूब पर आठ मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं और इंस्टाग्राम पर उनके काफी फॉलोअर्स हैं. 

इशात जैन ने घर पर ही शिक्षा हासिल की. उनकी प्राइमरी शिक्षा मार्केटिंग और ब्रांड पोजिशनिंग में थी. अपनी रिसर्च के दौरान इशात को एक ऐसे संकट का सामना करना पड़ा जिसका सामना दुनिया सूरज की रोशनी की कमी के कारण कर रही थी. यूके की एक स्टडी में पाया गया कि दिन में एक घंटा भी बाहर नेचुरल रोशनी में बिताने से डिप्रेशन का रिस्क कम होता है. लेकिन फिर भी बहुत बार अपने लाइफस्टाइल के चलते लोगों के लिए नेचुरल लाइट में जा पाना मुमकिन नहीं हो पाता है. तब इशात ने सोचा कि कुछ ऐसा इनोवेशन हो जिससे लोगों को घर के अंदर रहने के दौरान सूरज की रोशनी के संपर्क में लाया जा सके. 

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शुरू किया अपना इनोवेटिव स्टार्टअप 
इस सेक्टर में अनुसंधान पर इशात ने तीन साल और बिताए और SUNROOF का आइडिया उन्हें आया. यह दुनिया की पहली प्रकाश तकनीकी प्रणाली (लाइटिंग टेक्नोलॉजिकल सिस्टम) है जो सूरज की रौशनी के साइकोलॉजिकल फायदों को उन जगहों पर लाती है जहां प्राकृतिक सूर्य के प्रकाश की पहुंच नहीं है. इसका मतलब है कि इशात ने ऐसा लाइटिंग सिस्टम बनवाया जिसे कमरे के अंदर लगवाने से यह ऐसा फील देता है जैसे कि हम सूरज की नेचुरल लाइट में है और इससे हमारी साइकोलॉजी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. 

साल 2021 में, इशात के पिता ने India Design (आईडी) में अपने लक्जरी मॉड्यूलर किचन बिजनेस का प्रदर्शन किया. यह वास्तुकला और डिजाइन के लिए सबसे बड़ी प्रदर्शनियों में से एक है. रसोई मॉडल में सनरूफ प्रोटोटाइप था, जिसने कई मशहूर हस्तियों और राजनेताओं को आकर्षित किया. एग्जिहिबीशन के बाद उनके पास सनरूफ के लिए 5,000 पूछताछ आईं. SUNROOOF ने मार्च 2024 में अपने सोशल मीडिया चैनलों पर एक सॉफ्ट लॉन्च किया था.

सनरूफ का हआ विस्तार 
वेलनेस-केंद्रित सनरूफ के पास दिल्ली में 20,000 वर्ग फुट का शोरूम है, और उन्हें मॉरीशस, दुबई, अफ्रीका, यूके, कनाडा, स्वीडन, नॉर्वे और फिनलैंड सहित 21 देशों से फ्रेंचाइजी के लिए पूछा जा रहा है. भारत के लगभग हर शहर जैसे बैंगलोर, हैदराबाद, मुंबई, लुधियाना, अमृतसर आदि में भी मांग है. दिल्ली स्थित इनोवेटिव स्टार्टअप ने पहले ही सूरत और हैदराबाद में फ्रेंचाइजी के लिए साइन अप कर लिया है.

अपने प्रोडक्ट के बारे में उन्होंने बताया कि यह एक स्पेशल लाइट कंसोल है जिसे नैनो टेक्नोलॉजी की पावर से बनाया गया है. इससे आपको ऐसा महसूस होगा जैसे दूर आसमान से रोशनी आप तक पहुंच रही है. उन्होंने अपने प्रोडक्ट के लिए पेटेंट दायर किया है. वे क्लासिकल सनरूफ, मॉडर्न सनरूफ, लौवरेड विंडो, फ्रेंच विंडो, एट्रियम सनरूफ, फ्लूटेड सनरूफ और आर्क विंडो आदि उपलब्ध कराते हैं.