Delhi University
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के मतदान से दो दिन पहले दिल्ली सरकार द्वारा 10,000 छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. NSUI ने जहां घोषणा के समय और इसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं ABVP ने कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन पर छात्र आवास के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है.
हॉस्टल घोषणा के समय पर NSUI ने उठाए सवाल
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि यह घोषणा कई सवाल खड़े करती है. उनका कहना है कि जब छात्र लंबे समय से सुरक्षित और किफायती आवास की समस्या से जूझ रहे थे, तब सरकार ने कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया. जाखड़ ने सत्यानिकेतन भवन हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को पहले ही छात्र आवास की समस्या का समाधान करना चाहिए था. उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि प्रस्तावित हॉस्टल कहां बनाए जाएंगे, इन्हें कब तक पूरा किया जाएगा, इसके लिए कितना बजट तय किया गया है, हॉस्टल फीस क्या होगी और पात्रता के मानदंड क्या होंगे.
NSUI ने यह भी सवाल उठाया कि DUSU मतदान से ठीक दो दिन पहले यह घोषणा क्यों की गई. संगठन ने पूछा कि क्या इसका उद्देश्य केवल छात्रों की आवास समस्या का समाधान है या फिर चुनाव से पहले छात्रों को प्रभावित करना भी है. NSUI ने कहा कि वह हॉस्टल निर्माण का विरोध नहीं कर रही, बल्कि घोषणा के समय, पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर सवाल उठा रही है. संगठन ने सरकार से हॉस्टल की लोकेशन, निर्माण की समयसीमा, बजट, पात्रता, आवंटन प्रक्रिया और फीस संरचना सहित विस्तृत रोडमैप जारी करने की मांग की.
ABVP का पलटवार
ABVP ने NSUI पर विरोधाभासी रुख अपनाने का आरोप लगाया. ABVP के दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि NSUI पहले हॉस्टलों की कमी को छात्रों का बड़ा मुद्दा बताती थी, लेकिन अब सरकार की इसी दिशा में की गई घोषणा पर सवाल उठा रही है. शर्मा ने कहा, सत्यानिकेतन हादसे के समय मलबे पर हथौड़ा चलाकर रील बनाने से लेकर अब 10,000 छात्रों के लिए हॉस्टल की घोषणा पर सवाल उठाने तक, कांग्रेस-NSUI लगातार छात्र मुद्दों का राजनीतिकरण करती रही है.
उन्होंने सवाल किया कि क्या NSUI वास्तव में छात्रों की आवास समस्या का समाधान चाहती है या इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से ज़िंदा रखना चाहती है. शर्मा ने दिल्ली में कांग्रेस के शासनकाल का भी ज़िक्र करते हुए पूछा कि इतने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद छात्र हॉस्टलों के विस्तार के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए. उन्होंने कहा कि छात्र आवास एक गंभीर मुद्दा है और इसे राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए. ABVP ने एक बार फिर दिल्ली विश्वविद्यालय में सुरक्षित, किफायती और सुलभ हॉस्टल सुविधाओं के विस्तार की मांग दोहराई.
चुनाव से पहले हॉस्टल बना प्रमुख मुद्दा
DUSU चुनाव से ठीक पहले छात्र आवास का मुद्दा दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के बीच बहस का केंद्र बन गया है. एक ओर NSUI सरकार की घोषणा के समय और पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर ABVP इसे लंबे समय से चली आ रही हॉस्टल कमी को दूर करने की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है. 10,000 छात्रों के लिए प्रस्तावित हॉस्टल निर्माण अब DUSU चुनाव प्रचार के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गया है.