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How To Open Medical Store: मेडिकल स्टोर खोलने के लिए जरूरी है क्या पढ़ाई? किस तरह मिलता है लाइसेंस.. क्या एक ही समय खोल सकते हैं दो दुकान

चाहते हैं मेडिकल स्टोर खोलना तो जान लें किस पढ़ाई को करने की हैं जरूरत?

How To Open Medical Store (AI Generated Image) How To Open Medical Store (AI Generated Image)

आज के समय में युवा इस बात पर काफी विचार करते हैं कि वह नौकरी करें या फिर कोई बिजनेस करें. नौकरी के लिए युवा को किसी डिग्री की जरूरत होती है, तो वहीं बिजनेस के लिए निवेश की जरूरत होती है. जहां एक तरह नौकरी में आप किसी के अंडर काम करते हैं, तो वहीं अगर आप बिजनेस करते हैं तो आप खुद मालिक होते हैं. लेकिन दोनों ही काम के अपने-अपने रिस्क हैं. कई बार नौकरी में कम पैसे मिलते हैं, या कई बार अचानक ले-ऑफ हो जाता है. तो वहीं अगर बिजनेस की बात करें तो कई चीज़ों का बिजनेस ऐसा होता है जो सीसन के हिसाब से चलता है. जैसे कूलर-एसी का बिजनेस गर्मियों में पीक पर होता है.

पर अगर आप किसी ऐसे बिजनेस को करने के बारे में विचार कर रहे हैं, जो हर सीज़न में चलता रहे. तो मेडिकल क्षेत्र में मेडिकल स्टोर एक अच्छा बिजनेस है. यह साल के चौबीसों घंटे चलने वाला बिजनेस है. इस बिजनेस में मंदी आने की संभावना नहीं होती है. बस लोकेशन जरूरी होती है. अगर किसी अस्पताल के पास स्टोर होगा तो ज्यादा बिक्री होगी, लेकिन अगर गली-मोहल्ले में होगा तो थोड़ी कम बिक्री होगी. लेकिन सवाल पैदा होता है कि मेडिकल स्टोर को खोला कैसे जा सकता है. तो चलिए मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए किन चीज़ों की जरूरत है, यह आपको बताते हैं.

लाइसेंस है सबसे ज्यादा जरूरी
किसी भी मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए उसका लाइसेंस लेना बेहद जरूरी होता है. लाइसेंस के लिए आपके पास फार्मेसी के जुड़ी किसी डिग्री का होना जरूरी है. यह जरूरी इसलिए हैं क्योंकि मेडिकल स्टोर लोगों की हेल्थ से जुड़ा काम है. इसमें दवाइयों के बारे में जानकारी होना जरूरी है. साथ ही क्योंकि इसका बिजनेस करना चाहते हैं तो दुकान का होना भी जरूरी है. लाइसेंस के लिए आप बी.फार्मा या डी.फार्मा की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. लेकिन दोंनों डिग्री के बीच क्या फर्क है?

डी.फार्मा की डिग्री
डी.फार्मा यानि डिप्लोमा इन फार्मेसी एक 2 साल का छोटा कोर्स है. इसके लिए 12वीं आपको साइंस (बायो) के पास करनी होती है. इस कोर्स में आपको यह सिखाया जाता है कि किस दवाई में कौनसा सॉल्ट होता है, अगर किसी कंपनी की दवाई नहीं है तो उसकी जगह कौनसी दवाई दी जा सकती है. इसके अलावा दवाइयों को मैनेज करने का तरीका भी सिखाया जाता है.

बी.फार्मा की डिग्री
डी.फार्मा यानि बैचेलर्स ऑफ फार्मेसी 4 साल का कोर्स होता है. इसके लिए भी 12वीं साइंस (बायो) के साथ पास करनी होती है. इसमें सिखाया जाता है कि किसी दवाई को कैसे तैयार किया जाता है. साथ ही दवाई की रिसर्च कैसे की जाती है. यानि दवाई की रिसर्च से लेकर उसके बनने तक सबकुछ सिखाया जाता है.

लाइसेंस कैसे मिलेगा
अगर आपके पास डिग्री है और दुकान भी है तो आपके ही नाम पर उसी एड्रेस पर लाइसेंस जारी किया जाता है. लेकिन एक चीज़ जरूर याद रखें कि आप उसी लाइसेंस के साथ कोई दूसरी दुकान नहीं खोल सकते हैं. कभी भी इंस्पेक्शन के समय आपके दुकान पर मौजूद होना जरूरी होता है, साथ ही अपना लाइसेंस दिखाना भी जरूरी होता है.