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Rohtak Lok Sabha Seat: हुड्डा फैमिली का दबदबा, 2019 में BJP को मिली पहली बार जीत, जानें क्या है समीकरण और इतिहास

Haryana Lok Sabha Election 2024: रोहतक लोकसभा सीट हुड्डा फैमिली का गढ़ माना जाता है. इस सीट से हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा 4 बार सांसद रहे हैं. जबकि उनके पिता रणबीर सिंह हुड्डा 2 बार सांसद चुने गए थे. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र सिंह ने इस सीट से आम चुनाव में तीसरी बार जीत हासिल की है. इसके अलावा एक बार उपचुनाव में भी विजयी हुए हैं.

Rohtak Lok Sabha Seat Rohtak Lok Sabha Seat

रोहतक लोकसभा सीट हरियाणा राज्य में पड़ता है. इस सीट पर हुड्डा फैमिली का दबदबा रहा है. आम चुनाव में रोहतक में 9 बार इस फैमिली ने जीत दर्ज की है. कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों को 11 बार जीत मिली है. इस सीट पर बीजेपी को पहली बार साल 2019 आम चुनाव में जीत मिली थी. चलिए आपको बताते हैं कि रोहतक लोकसभा सीट का समीकरण और इतिहास हैं.

दीपेंद्र हुड्डा चुने गए सांसद-
लोकसभा चुनाव 2024 में रोहतक सीट पर कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बड़ी जीत दर्ज की है. उन्होंने 3.45 लाख वोटों से जीत हासिल की है. हुड्डा ने बीजेपी उम्मीदवार डॉ. अरविंद शर्मा को हराया है. अरविंद शर्मा को 7.83 लाख वोट मिले. जबकि बीजेपी उम्मीदवार को 4.38 लाख वोट हासिल हुए.

साल 2019 आम चुनाव के नतीजे-
साल 2019 आम चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार अरविंद कुमार शर्मा ने कांग्रेस उम्मीदवार दीपेंद्र सिंह हुड्डा को मामूली वोटों से हराया था. अरविंद शर्मा को सिर्फ 7 हजार 503 वोटों से जीत मिली थी. बीजेपी उम्मीदवार को 5 लाख 73 हजार 845 वोट मिले थे. जबकि दीपेंद्र हुड्डा को 5 लाख 66 हजार 342 वोट हासिल हुए थे. जेजेपी के उम्मीदवार प्रदीप देसवाल को 21 हजार 211 वोट मिले थे.

हुड्डा फैमिली का रहा दबदबा-
रोहतक लोकसभा सीट से दीपेंद्र सिंह हु्ड्डा 3 बार सांसद चुने गए हैं. उन्होंने एक बार उपचुनाव में भी जीत हासिल की है. जबकि उनके पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा 4 बार सांसद चुने गए हैं. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर सिंह हुड्डा ने भी 2 बार जीत हासिल की थी.

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रणबीर सिंह हुड्डा साल 1952 आम चुनाव और साल 1957 आम चुनाव में सांसद चुने गए थे. जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने साल 1991, साल 1996 और साल 1998 आम चुनाव में लगातार जीत दर्ज की थी. इसके अलावा भूपेंद्र सिंह हुड्डा साल 2004 आम चुनाव में भी सांसद चुने गए थे. साल 2005 उपचुनाव में दीपेंद्र हुड्डा पहली बार सांसद चुने गए. उसके बाद उन्होंने साल 2009 और साल 2014 आम चुनाव में जीत हासिल की.

इस सीट का इतिहास-
इस सीट पर जनसंघ को साल 1962 आम चुनाव में जीत मिली थी. जनसंघ के उम्मीदवार लहरी सिंह सांसद चुने गए थे. जबकि साल 1967 आम चुनाव में कांग्रेस के चौधरी रणधीर सिंह और साल 1971 आम चुनाव में जनसंघ के मुख्तियार सिंह मलिक ने जीत हासिल की थी. साल 1977 आम चुनाव में जनता पार्टी के शेर सिंह सांसद चुन गए. साल 1980 आम चुनाव में जनता पार्टी (सेकुलर) के इंद्रवेश स्वामी ने जीत हासिल की.

साल 1984 आम चुनाव में कांग्रेस के हरद्वारी लाल सांसद बने. लेकिन साल 1989 आम चुनाव में जनता दल के टिकट पर चौधरी देवीलाल सांसद चुने गए. इसके बाद साल 1991 आम चुनाव से लेकर साल 2014 आम चुनाव तक हुड्डा फैमिली का कब्जा रहा. सिर्फ एक बार साल 1999 आम चुनाव में इंडियन नेशनल लोकदल के इंदर सिंह ने जीत दर्ज की थी.

9 विधानसभा सीटों का गणित-
रोहतक लोकसभा सीट के तहत 9 विधानसभा सीटें हैं. इसमें रोहतक जिले की महम, गढ़ी सांपला-किलोई, रोहतक, कलानौर विधानसभा सीटे हैं. जबकि झज्जर जिले की बहादुरगढ़, बादली, झज्जर और बेरी विधानसभा सीटें शामिल हैं. इसके अलावा इस लोकसभा सीट के तहत रेवाड़ी जिले की कोसली विधानसभा सीट भी आती है. विधानसभा चुनाव में 7 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है.

रोहतक सीट का जातीय समीकरण-
रोहतक लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा जाट वोटर हैं. इनकी संख्या 6.5 लाख है. इसके अलावा इस सीट पर अनुसूचित जाति के 3 लाख वोटर हैं. जबकि 1.75 लाख अहीर वोटर हैं. इस सीट पर 1.3 लाख पंजाबी और 1.3 लाख ब्राह्मण वोटर हैं.

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