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चीन के तीरंदाजों को हराकर विजय सुंडी ने जीता गोल्ड, चाईबासा लौटने पर हुआ जोरदार स्वागत

जापान के नागोया में आयोजित पांचवें एशियन पारा गेम्स-2026 में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे तीरंदाज विजय सुंडी का सोमवार को चाईबासा में जोरदार स्वागत किया गया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और झारखंड का मान बढ़ाकर लौटे विजय की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे.

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Vijay Sundy Vijay Sundy

जापान के नागोया में तिरंगा लहराकर लौटे झारखंड के तीरंदाज विजय सुंडी का चाईबासा में जोरदार स्वागत किया गया. पांचवें एशियन पारा गेम्स-2026 में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने देश और राज्य का नाम रोशन किया है. उनकी इस शानदार उपलब्धि पर शहर में खुशी का माहौल रहा. विजय की एक झलक पाने और उन्हें बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे. इस दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ विजय जुलूस निकाला गया.

फूल-मालाओं से हुआ सम्मान
विजय सुंडी के चाईबासा पहुंचने पर नगर परिषद के अध्यक्ष नितिन प्रकाश, उपाध्यक्ष विकास शर्मा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया. उन्हें गुलदस्ता भेंट किया गया और फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया. जुलूस में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. सभी ने विजय की सफलता पर खुशी जताई और उन्हें बधाई दी.

फाइनल में चीन के खिलाड़ियों को दी मात
विजय सुंडी ने एशियन पारा गेम्स के फाइनल मुकाबले में चीन के तीरंदाजों को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. यह जीत उनके लंबे संघर्ष, मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का नतीजा है. उनकी उपलब्धि से पश्चिमी सिंहभूम जिले के साथ पूरे झारखंड में गर्व का माहौल है.

पहले भी जीत चुके हैं दो विश्व कप गोल्ड
विजय सुंडी की यह पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि नहीं है. इससे पहले वह दो विश्व कप स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. इसके अलावा वह पांच बार राष्ट्रीय चैंपियन भी रह चुके हैं. एशियन पारा गेम्स में गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने शानदार खेल करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है.

2016 से कर रहे हैं लगातार अभ्यास
विजय वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षक महर्षि महेंद्र सिंकु के मार्गदर्शन में चाईबासा के सिकुरसाई स्थित तुरतुंग तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र में अभ्यास कर रहे हैं. मूल रूप से सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर क्षेत्र के बड़डीह गांव के रहने वाले विजय चाईबासा में रहकर अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं. उनकी सफलता अब क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है.

रिपोर्टर: जय कुमार

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