Saharanpur
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सहारनपुर की बेटियां अब सिर्फ सपने देखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें हकीकत में बदलने के लिए कड़ी मेहनत भी कर रही हैं. इसी कड़ी में महज साढ़े 13 साल की आरोही तोमर ने कुश्ती के मैदान में शानदार प्रदर्शन करते हुए अयोध्या में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है. 7वीं कक्षा की छात्रा आरोही अब तक दो स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुकी हैं. इन दोनों बेटियों ने मेडल जीतकर अपने गांव घर का नाम रोशन कर दिखाया है. तो चलिए आपको बताते हैं इन दोनों की कहानी.
आरोही पिछले 3-4 वर्षों से नियमित अभ्यास कर रही हैं. उनकी मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अब तक 30 से अधिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं, जिनमें से लगभग 20 में जीत हासिल की है. उनका स्पष्ट लक्ष्य है ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना. आरोही की सफलता के पीछे उनके पिता गजेंद्र सिंह तोमर की अहम भूमिका है. वे खुद एक पहलवान रह चुके हैं और अपनी बेटियों को ट्रेनिंग देकर उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचाने में जुटे हैं. घर पर ट्रेनिंग के साथ-साथ आरोही स्टेडियम में भी नियमित अभ्यास करती हैं.
पहलवान रह चुके हैं पिता
गजेंद्र सिंह तोमर बताते हैं कि उनका सपना था कि वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतें, लेकिन किसी कारणवश वह इसे पूरा नहीं कर सके. अब वह यही सपना अपनी बेटियों के जरिए पूरा करना चाहते हैं. उनकी बड़ी बेटी भी स्टेट गोल्ड मेडल जीत चुकी है और करीब 15-16 प्रतियोगिताएं अपने नाम कर चुकी है. हाल ही में वाराणसी में आयोजित एक मुकाबले में उनकी बेटी महज एक अंक से नेशनल स्तर पर पहुंचने से चूक गई, लेकिन परिवार का हौसला अभी भी बुलंद है.
जिले के लिए बन रहीं प्रेरणा
गजेंद्र सिंह का कहना है कि वह नौकरी से ज्यादा अपनी बेटियों के करियर पर ध्यान दे रहे हैं. उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में उनकी बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगी. सहारनपुर की ये बेटियां अब न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की नई पहचान बनती जा रही हैं.
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