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लाखों बच्चों को रोजाना भोजन कराने वाले ‘अक्षयपात्र’ की कैसे हुई थी शुरुआत, देखें

आपने अक्सर मिड डे मील का नाम सुना होगा. स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार स्कूल में ही खाने और नाश्ते का इंतजाम करती है. इससे बच्चों का पोषण बढ़ता है और पढ़ाई के लिए भी रुचि बनी रहती है. देश-विदेश में भगवान श्रीकृष्ण के संदेश का प्रचार करने वाली धार्मिक संस्था है इस्कॉन. यह कहानी है इस्कॉन के एक विंग ‘अक्षयपात्र’की, जो रोजाना लाखों स्कूली बच्चों के भोजन का इंतजाम करता है. कई सरकारों ने स्कूलों में बच्चों को सही गुणवत्ता के खाने का इंतजाम करने के लिए अक्षयपात्र को चुना है. सरकार का मानना है कि धार्मिक संस्थान से जुड़े लोग बच्चों के भोजन में करप्शन नहीं मिलाएंगे. उसकी पवित्रता और क्वालिटी बचा कर रखेंगे. यानि धर्म गुणवत्ता के चौकीदार का भी काम करता है.

You must have often heard the name of Mid Day Meal. To increase the number of children in schools, the government makes arrangements for meals in the school itself. This assures the proper nutrition of children. ISKCON is a religious organization which promotes the message of Lord Shri Krishna in the country and abroad. This is the story of 'Akshaypatra', a wing of ISKCON, which provides meals for lakhs of school children every day.